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हाईकोर्ट : न्यायिक अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के प्रयोग से कोर्ट खफा, अवमानना की कार्यवाही का आदेश
Sun, 11 Oct 2026 07:27 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 11 Oct 2026 07:27 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका में एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने पर याची के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका में एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने पर याची के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने बस्ती निवासी ब्रह्मदेव उपाध्याय की याचिका पर दिया है।
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याची ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और दो अन्य को प्रतिवादी बनाते हुए जनहित याचिका दाखिल की थी। इसमें चार अप्रैल को पारित उस आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी, जिसके तहत एक न्यायिक अधिकारी के खिलाफ उनकी शिकायत पर महानिबंधक ने उन्हें विधि के अनुसार उचित कानूनी उपाय अपनाने की सलाह दी थी।
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याची की शिकायत एक महिला के खिलाफ उनकी ओर से दाखिल आपराधिक मामले से संबंधित थी। इस मामले में 10 जुलाई 2025 को फैसला सुनाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिका में न्यायिक अधिकारी के संबंध में इस्तेमाल की गई भाषा और लगाए गए आरोपों पर गंभीर आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारी के खिलाफ इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। यह भाषा मूलतः आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आती है।
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