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विज्ञान में मूल चिंतन, मौलिकता से ही मिलेगा नोबेल
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- फोटो : CITY DESK
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डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने विज्ञान को सरल बनाने पर दिया जोर
ट्रिपलआईटी में किया भौतिकी के शिक्षकों की संगोष्ठी का उद्घाटन
प्रयागराज। अगर हमें नोेबेल पुरस्कार हासिल करना है तो विज्ञान में मूल चिंतन एवं मौलिकता पैदा करनी होगी। भौतिकी प्रकृति के बिल्कुल करीब है। विज्ञान को सरल बनाना है, जटिल नहीं। इसे आम जीवन के उदाहरण से जोड़ना होगा। यह बात पद्म विभूषण एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने ट्रिपलआईटी में शनिवार को आयोजित भौतिकी के शिक्षकों की राष्ट्रीय संगोष्ठी में कही।
इससे पूर्व उन्होंने तीन दिवसीय इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स के 34वें वार्षिक कन्वेंशन-2019 और भौतिक विज्ञान शिक्षण एवं अनुसंधान में वर्तमान में हुई प्रगति एवं नवाचार पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि देश में भौतिक शास्त्र में वैज्ञानिक सीवी, रमन के बाद अभी तक किसी को नोबेल पुरस्कार क्यों नहीं मिला, क्योंकि हमें अपने मूल तत्वों पर ध्यान देने की जरूरत हैं। दूसरों की नकल नहीं करनी चाहिए। हम सभी को जो ज्ञान सही है, सिर्फ उसे आत्मसात करना चाहिए। साथ ही अपने मूल तत्व को नहीं भूलना चाहिए।
उन्होंने देश भर से आए भौतिकी के 200 से अधिक शिक्षकों से आग्रह किया कि अपने शिक्षण में सरल भाषा का प्रयोग करें, जिससे छात्र आसानी से समझ सकें। कहा कि हमें प्रत्येक वर्ष नए तरीके से पढ़ाना चाहिए और उसमें नवाचार का समावेश करना चाहिए। उन्होंने भौतिकी को पंचमहाभूत बताते हुए इसे प्राचीन ज्ञान से जोड़कर देखने पर बल दिया। कहा, हमें प्रकृति को समझना होगा। उन्होंने बताया कि संहिताओं, ब्राह्मणों, आरण्यकों, उपनिषदों, वेद पुराण पर ही आधुनिक खोज हो रही हैं।
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ट्रिपलआईटी के निदेशक डॉ. पी नागभूषण ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में विद्यमान कमियों की ओर सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अखिलेश तिवारी ने अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कन्वेंशन के महासिचव प्रो. केएन जोशी ने सम्मेलन के आयोजन के उद्दश्य पर प्रकाश डाला। प्रो. विजय, प्रो. बीपी त्यागी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कृष्णा मिश्रा ने किया।
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सम्मानित किए गए पांच छात्र
- डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने पांच छात्रों को भी सम्मानित किया। भौतिक विज्ञान में आईएपीटी की ओर से आयोजित परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के लिए कुशल पंचाल, सिंघल अजीत, प्रश्न कुमार दुबे, हर्षित जोशी एवं कृष्ण कुमार माधव को सम्मानित किया गया।
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डॉ. पुनीत को दीन बंधु स्मृति पुरस्कार
- संगोष्ठी के दौरान डॉ. पुनीत वर्मा को आईएपीटी दीन बंधु साहू स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। डवहीं, इलाहाबाद विज्ञान परिषद के प्रधानमंत्री प्रो. शिव गोपाल मिश्र एवं प्रो. प्रो. आरएन कपूर को भी सम्मानित किया गया। डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने अपने हाथों से सम्मान प्रदान किया।
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ट्रिपलआईटी में किया भौतिकी के शिक्षकों की संगोष्ठी का उद्घाटन
प्रयागराज। अगर हमें नोेबेल पुरस्कार हासिल करना है तो विज्ञान में मूल चिंतन एवं मौलिकता पैदा करनी होगी। भौतिकी प्रकृति के बिल्कुल करीब है। विज्ञान को सरल बनाना है, जटिल नहीं। इसे आम जीवन के उदाहरण से जोड़ना होगा। यह बात पद्म विभूषण एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने ट्रिपलआईटी में शनिवार को आयोजित भौतिकी के शिक्षकों की राष्ट्रीय संगोष्ठी में कही।
इससे पूर्व उन्होंने तीन दिवसीय इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स के 34वें वार्षिक कन्वेंशन-2019 और भौतिक विज्ञान शिक्षण एवं अनुसंधान में वर्तमान में हुई प्रगति एवं नवाचार पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि देश में भौतिक शास्त्र में वैज्ञानिक सीवी, रमन के बाद अभी तक किसी को नोबेल पुरस्कार क्यों नहीं मिला, क्योंकि हमें अपने मूल तत्वों पर ध्यान देने की जरूरत हैं। दूसरों की नकल नहीं करनी चाहिए। हम सभी को जो ज्ञान सही है, सिर्फ उसे आत्मसात करना चाहिए। साथ ही अपने मूल तत्व को नहीं भूलना चाहिए।
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उन्होंने देश भर से आए भौतिकी के 200 से अधिक शिक्षकों से आग्रह किया कि अपने शिक्षण में सरल भाषा का प्रयोग करें, जिससे छात्र आसानी से समझ सकें। कहा कि हमें प्रत्येक वर्ष नए तरीके से पढ़ाना चाहिए और उसमें नवाचार का समावेश करना चाहिए। उन्होंने भौतिकी को पंचमहाभूत बताते हुए इसे प्राचीन ज्ञान से जोड़कर देखने पर बल दिया। कहा, हमें प्रकृति को समझना होगा। उन्होंने बताया कि संहिताओं, ब्राह्मणों, आरण्यकों, उपनिषदों, वेद पुराण पर ही आधुनिक खोज हो रही हैं।
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ट्रिपलआईटी के निदेशक डॉ. पी नागभूषण ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में विद्यमान कमियों की ओर सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अखिलेश तिवारी ने अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कन्वेंशन के महासिचव प्रो. केएन जोशी ने सम्मेलन के आयोजन के उद्दश्य पर प्रकाश डाला। प्रो. विजय, प्रो. बीपी त्यागी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कृष्णा मिश्रा ने किया।
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सम्मानित किए गए पांच छात्र
- डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने पांच छात्रों को भी सम्मानित किया। भौतिक विज्ञान में आईएपीटी की ओर से आयोजित परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने के लिए कुशल पंचाल, सिंघल अजीत, प्रश्न कुमार दुबे, हर्षित जोशी एवं कृष्ण कुमार माधव को सम्मानित किया गया।
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डॉ. पुनीत को दीन बंधु स्मृति पुरस्कार
- संगोष्ठी के दौरान डॉ. पुनीत वर्मा को आईएपीटी दीन बंधु साहू स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। डवहीं, इलाहाबाद विज्ञान परिषद के प्रधानमंत्री प्रो. शिव गोपाल मिश्र एवं प्रो. प्रो. आरएन कपूर को भी सम्मानित किया गया। डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने अपने हाथों से सम्मान प्रदान किया।