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जयकारों से गूंजता रहा हाटकेश्वर नाथ मंदिर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 21 Apr 2016 02:06 AM IST
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महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चढ़ता दूध
- फोटो : amar ujala
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चैत्र शुक्ल पक्ष चतुर्दशी बुधवार को हाटकेश्वर नाथ की जयंती जीरो रोड स्थित हाटकेश्वर नाथ मंदिर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। हाटकेश्वर नाथ का मनोहारी शृंगार किया गया। ग्यारह ब्राह्मणों ने रुद्रीपाठ किया।गुजराती समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वस्त्र पहन कर हाटकेश्वर नाथ की जयंती मनाने पहुंचे।
विधिविधान से पूजन अर्चन किया गया। घंटा-घड़ियाल, शंख की मंगल ध्वनि के बीच आरती की गई। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजा। महिलाओं ने भजन कीर्तन कर हाटकेश्वर नाथ की महिमा का गुणगान किया। इस बार सामूहिक भोज का कार्यक्रम स्थगित रहा। कार्यक्रम में अध्यक्ष कैलाश मेहता, प्रमोद नागर, नित्यानंद नागर, अंकित नागर, विकास नागर, गोविंद राम झा आदि उपस्थित रहे।
ज्ञात हो गुजराती नागर ब्राह्मण समुदाय लोगों द्वारा संवत 1952 यानी 1895 में स्थापित हाटकेश्वर नाथ मंदिर में सिले कपड़े पहनकर जाने वालों के प्रवेश पर रोक है। इसलिए अधिकतर लोग हाटकेश्वर नाथ का दर्शन झरोखे से करते हैं।
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विधिविधान से पूजन अर्चन किया गया। घंटा-घड़ियाल, शंख की मंगल ध्वनि के बीच आरती की गई। जयकारों से मंदिर परिसर गूंजा। महिलाओं ने भजन कीर्तन कर हाटकेश्वर नाथ की महिमा का गुणगान किया। इस बार सामूहिक भोज का कार्यक्रम स्थगित रहा। कार्यक्रम में अध्यक्ष कैलाश मेहता, प्रमोद नागर, नित्यानंद नागर, अंकित नागर, विकास नागर, गोविंद राम झा आदि उपस्थित रहे।
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ज्ञात हो गुजराती नागर ब्राह्मण समुदाय लोगों द्वारा संवत 1952 यानी 1895 में स्थापित हाटकेश्वर नाथ मंदिर में सिले कपड़े पहनकर जाने वालों के प्रवेश पर रोक है। इसलिए अधिकतर लोग हाटकेश्वर नाथ का दर्शन झरोखे से करते हैं।
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