फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   I asked for a connection, then I was given a challan for theft of electricity

गजब है : मांगा कनेक्शन तो थमा दिया बिजली चोरी का चालान, खुद के पैसे से लगवाया ट्रांसफॉर्मर

Wed, 23 Aug 2023 01:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 23 Aug 2023 01:59 PM IST
सार

पहले पूरे जतन के साथ ट्रांसफॉर्मर लगवाने का प्रयास किया गया, लेकिन बिजली विभाग ने गांव तक बिजली सप्लाई नहीं पहुंचाई। बांस-बल्ली के सहारे लोग एक किलोमीटर दूर से लाइन ला रहे थे। तीन से चार साल पहले गांव के लोगों ने चंदा करके एक ट्रांसफॉर्मर लगवा लिया।

विज्ञापन
I asked for a connection, then I was given a challan for theft of electricity
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पीपलगांव उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले बख्शी मोड़ा गांव में बिजली विभाग का एक गजब खेल सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वे बिजली कनेक्शन के लिए पिछले 10-12 सालों से विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। पहले तो विभाग ने गांव तक बिजली की लाइन ही नहीं पहुंचाई और जब लोगों ने खुद पैसा इकट्ठा कर ट्रांसफॉर्मर लगवाया तो कनेक्शन देने के नाम पर सबको बिजली चोरी का चालान थमा दिया गया।

विज्ञापन

वहीं, गांव की बाहरी सड़क पर दो साल पहले सरकारी ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था, जिससे सिर्फ एक-दो घरों में ही कनेक्शन दिया गया। यह ट्रांसफॉर्मर भी स्थापना के दो महीने बाद ही फुंक गया, जिसे दो वर्ष बाद भी नहीं बदला जा सका है। बुजुर्ग रामबरन निषाद का कहना है कि गांव में लोग कनेक्शन पाने के लिए पिछले 12 साल से एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं।

विज्ञापन


पहले पूरे जतन के साथ ट्रांसफॉर्मर लगवाने का प्रयास किया गया, लेकिन बिजली विभाग ने गांव तक बिजली सप्लाई नहीं पहुंचाई। बांस-बल्ली के सहारे लोग एक किलोमीटर दूर से लाइन ला रहे थे। तीन से चार साल पहले गांव के लोगों ने चंदा करके एक ट्रांसफॉर्मर लगवा लिया। इसके बाद कनेक्शन पाने के लिए फिर से दफ्तरों की दौड़ शुरू हुई, लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी हर बार टालमटोल करते रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

गजब तो यह हुआ कि अप्रैल-मई के महीने में बिजली विभाग के लोग आए और गांव में सबका नाम कागज पर लिखकर ले गए, ताकि सबको कनेक्शन दिया जा सके। हालांकि, विभाग ने कनेक्शन तो नहीं दिए, लेकिन लोगों को बिजली चोरी का लाखों का चालान जरूर थमा दिया। गांव में सभी लोग मजदूरी करते हैं, किसी की भी हैसियत लाख रुपये का चालान भरने की नहीं है। यह नोटिस इसी अगस्त महीने में सभी को भेजा गया है।

गांव के ही रहने वाले राजू बताते हैं कि गांव के बाहर सड़क पर सरकारी ट्रांसफॉर्मर दो साल पहले जल गया था, पहले तो दो महीने तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जब दफ्तरों में ट्रांसफॉर्मर बदलने की अर्जी लगाई गई तो एक दिन विभाग के कर्मचारी आए और ट्रांसफॉर्मर लेकर चले गए। इस बात को लगभग दो साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक ट्रांसफॉर्मर बदला नहीं जा सका है।

सतीश निषाद बताते हैं कि कनेक्शन मांगते-मांगते गांव के लोग अब हार मान चुके हैं। कनेक्शन देने के बजाय लाखों रुपये का बिजली चोरी का नोटिस थमा देना तो अंधेर ही है। गांव के लोगों का कहना है कि जब विभाग ने कनेक्शन नहीं दिया तो लोग खुद ट्रांसफॉर्मर लगवाकर बिजली का इस्तेमाल करने को मजबूर हुए। वहीं, अरुण निषाद ने बताया कि गांव में 14 घंटे में केवल सात से आठ घंटे ही बमुश्किल बिजली मिल पाती है।

दूसरी ओर जब इन आरोपों पर अधिकारियों का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उपखंड अधिकारी शिवानंद पांडेय और अधीशासी अभियंता ऋषि पाल सिंह दोनों के ही फोन नहीं उठे। मुख्य अभियंता ने मामले की जानकारी न होने की बात कही। उन्होंने कहा इसकी जांच कराएंगे कि कनेक्शन क्यों नहीं दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed