लखनऊ के व्यवसायी मोहित जायसवाल अपहरणकांड में आरोपी अतीक अहमद और उसके करीबियों के ठिकानों पर एक दिन पहले छापेमारी करने वाली सीबीआई टीम फिर शहर में आ सकती है। दरअसल अतीक के घर से बरामद तीन रजिस्टरों में 70 से ज्यादा नाम मिले हैं। उधर जकी के घर से सैकड़ों रजिस्ट्री के कागजात मिले हैं। ऐसे में इस बात की पूरी आशंका है कि जांच पड़ताल के लिए सीबीआई की टीम पूछताछ के लिए दोबारा शहर आए।
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ateeq ahamad
- फोटो : प्रयागराज
सीबीआई के 40 से अधिक अफसरों की चार टीमों ने बुधवार को अतीक के घर व दफ्तर के साथ उसके साले जकी अहमद और पीए फारुख के घरों पर छापा मारा था। 11 घंटे तक चली कार्रवाई में अतीक के घर से आठ लाख रुपये नकद और तीन रजिस्टर बरामद किए गए। इसके अलावा जकी के घर से सैकड़ों रजिस्ट्री के कागजात मिले। जकी को गिरफ्तार कर सीबीआई टीम अपने साथ लखनऊ ले गई थी। सूत्रों की मानें तो अतीक के घर से जो रजिस्टर बरामद हुए हैं, उनमें 70 से ज्यादा लोगों के नाम दर्ज थे।
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माफिया अतीक अहमद
- फोटो : amar ujala
इन लोगों से किए गए लेेनदेन का ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज था। यह कौन लोग हैं और इनसे किस तरह का लेेनदेन अतीक के साथ था, इसका पता फिलहाल नहीं चल सका है। उधर छापेमारी के दौरान जकी के घर से पुलिस ने सैकड़ों रजिस्ट्री के कागजात बरामद किए हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि वह कौन लोग हैं जिनके नाम बरामद रजिस्टर में दर्ज हैं। इनका पता लगाने के बाद यह जानकारी जुटाई जाएगी कि अतीक से इनके साथ किस तरह का लेनदेन था। माना जा रहा है कि इन लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
सूत्रों की मानें तो जकी के घर से जो रजिस्ट्री के कागजात मिले हैं, फिलहाल सीबीआई उन्हें खंगालने में जुटी है। गिरफ्तार किए गए जकी से भी इस बारे में पूछताछ की गई। पूछा गया कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में रजिस्ट्री के कागजात उसके पास कहां से आए। सूत्रों की मानें तो जकी से पूछताछ में सीबीआई को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। हालांकि इसे रंगदारी के मामलों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे में इस बात की भी पूरी आशंका है कि रजिस्ट्री में जिन लोगों के नाम से हुई है, उनसे भी पूछताछ हो। यही वजह है कि दोबारा जांच पड़ताल के लिए सीबीआई के दोबारा शहर में धमकने की पूरी संभावना है।