आईजी के सामने शिकायतों का शतक

अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 08 Dec 2017 01:23 AM IST
इलाहाबाद
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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हाईकोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को आईजी कानून-व्यवस्था हरिओम शर्मा ने धूमनगंज थाने में छह घंटे बैठकर शिकायतें सुनीं और उनके निस्तारण के लिए निर्देश दिए। आईजी के सामने शिकायतों का शतक पूरा हो गया, यानी सुनवाई के आखिरी वक्त तक 100 फरियादी आ गए थे। यह भी गौर करने वाली बात रही कि लापता या गुमशुदा की चुनिंदा शिकायत ही मिली। आईजी के सामने ज्यादातर मामले घर या जमीन पर अवैध कब्जे, झगड़े, पारिवारिक विवाद के आए।
पिछले महीने एक किशोरी के लापता होने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि आईजी कानून-व्यवस्था इलाहाबाद आकर धूमनगंज और खुल्दाबाद थाने में एक-एक दिन बैठकर गुमशुदगी और अपहरण के पीड़ितों की शिकायत सुनें तथा उनका निस्तारण कराएं। आदेश पर अमल के लिए तय किया गया कि आईजी कानून-व्यवस्था सात दिसंबर को धूमनगंज तथा आठ को खुल्दाबाद थाने में सुबह दस से शाम चार बजे तक लोगों से मिलेंगे। दोनों थाने की पुलिस ने इस बाबत इलाके में पोस्टर, बैनर और लाउडस्पीकर के जरिए प्रचार-प्रसार भी किया। बृहस्पतिवार को पहले दिन लखनऊ से आए आईजी कानून-व्यवस्था हरिओम शर्मा ने धूमनगंज थाने में सुनवाई की। धूमनगंज थाना परिसर में फरियादियों के बैठने के लिए पंडाल लगाकर कुर्सियां रखी गईं थीं। फरियादियों की ज्यादा संख्या आने की स्थिति में थाने के सामने भी टेंट लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई थी।

एसएसपी आकाश कुलहरि तथा एसपी सिटी सिद्धार्थ मीणा के साथ बैठकर आईजी ने 10 बजे से शाम चार बजे तक फरियादियों से मुलाकात की, उनकी शिकायत सुनी और निदान के लिए संबंधित थानों को लिखित आदेश जारी किया। आईजी के सामने 100 लोग शिकायत लेकर आए। इनमें गुमशुदगी के सिर्फ तीन मामले थे। एक मामला धूमनगंज की महिला का था, जबकि दूसरा कोतवाली से किशोर के लापता होने और तीसरा जार्जटाउन थाने के बैरक में रहने वाले सिपाही के बेटे के अपहरण का था। बाकी केस मारपीट, कब्जे, विवाद से जुड़े थे।

लूकरगंज में रहने वाले हरिकिशन उर्फ डब्बू ने आईजी को प्रार्थनापत्र दिया कि उनसे 67 लाख रुपये हड़पने के आरोपी छत्तीसगढ़ में दुर्ग जनपद के मौजूदा नगर आयुक्त सुदेश कुमार संदरानी, उनकी पत्नी रश्मि सुंदरानी तथा सहयोगी संजीव त्रिवेदी की गिरफ्तारी का हाईकोर्ट से आदेश होने के बावजूद धूमनगंज पुलिस उदासीनता बरत रही है। सुंदरानी दंपति ने जनजागरण समिति नामक एनजीओ के जरिए उनसे मिडडेमील की आपूर्ति का एग्रीमेंट किया था, मगर उन्होंने बीएसए कार्यालय से खुद चेक लेकर भुना लिए। इस तरह से उन्हें 67 लाख की चपत लगाई। धोखाधड़ी और हेराफेरी का केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो हाईकोर्ट में याचिका दायर की, मगर पुलिस कार्रवाई में टालमटोल कर रही है। जबकि गिरफ्तारी वरना कुर्की का आदेश है। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस के रवैये से नाराज आईजी ने धूमनगंज थानाध्यक्ष तथा एसएसपी से कहा कि हर सूरत में आरोपियों की सात दिन के भीतर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

मीरापुर के अरुण पांडेय ने पत्नी पुष्पा के साथ आईजी के सामने पेश होकर फर्जी रेप केस में फंसाने तथा एक युवती से दुराचार करने वाले दरोगा को बचाने में अफसरों से लेकर क्राइम ब्रांच की संदिग्ध भूमिका की शिकायत की। आईजी ने एसएसपी को मामले को गंभीरता से लेकर जल्द कार्रवाई का आदेश दिया।

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