कंधे पर बेटे का शव ले जाने का मामला : मानवाधिकार ने डीएम समेत अन्य अफसरों को किया तलब
करछना के रामपुर उपरहार गांव के बजरंगी यादव के 10वर्षीय बेटे की एक अगस्त को करेंट लगने से मौत हो गई थी। अगले दिन उसका स्वरूपरानी अस्पताल स्थित मोर्चरी में पोस्टमार्टम किया गया लेकिन एंबुलेंस न मिलने की वजह से बजरंगी एवं उनकी पत्नी को बेटे का शव पैदल ही ले जाना पड़ा।
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कंधे पर बेटे का शव लेकर मीलों पैदल यात्रा करने के मामले में राज्य मानवाधिकार ने डीएम समेत अन्य संबंधित विभाग के अफसरों को तलब किया है। अध्यक्ष न्यायमूर्ति बीके नारायण ने सोमवार को मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एसपी सिंह तथा सीएमओ डॉ.नानक सरन से पूछताछ की।
करछना के रामपुर उपरहार गांव के बजरंगी यादव के 10वर्षीय बेटे की एक अगस्त को करेंट लगने से मौत हो गई थी। अगले दिन उसका स्वरूपरानी अस्पताल स्थित मोर्चरी में पोस्टमार्टम किया गया लेकिन एंबुलेंस न मिलने की वजह से बजरंगी एवं उनकी पत्नी को बेटे का शव पैदल ही ले जाना पड़ा। इस मामले में जांच कमेटी ने इंस्पेक्टर तथा सिपाही को दोषी पाया है। इसके अलावा बिजली विभाग के मुख्य अभियंता समेत पांच अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
अब मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अफसरों को बुलाया है। इसी क्रम में अध्यक्ष के आवास पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं सीएमओ ने सोमवार को अपनी बात कही। साथ ही जांच आख्या प्रस्तुत की। प्राचार्य डॉ.एसपी सिंह का कहना है कि अध्यक्ष के समक्ष पूरी बात रख दी गई है।
अध्यक्ष की ओर से इनके अलावा डीएम, एससपी तथा बिजली विभाग के अफसरों को भी तलब किया गया है। हालांकि, डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि उन्हें अभी कोई नोटिस नहीं मिला है। डीएम ने बताया कि मानवधिकार के अध्यक्ष ने सीएमओ से घटना की जानकारी ली है।
बजरंगी के घर पहुंचे रेवती रमण, मदद का आश्वासन
रामपुर उपरहार गांव निवासी बजरंगी यादव के घर सोमवार को सपा नेता पूर्व राज्यसभा सांसद रेवती रमण सिंह पहुंचे। उन्होंने बजरंगी से घटना क्रम की जानकारी लेते हुए उसे हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बजरंगी की आर्थिक मदद भी की। उन्होंने सरकारी तंत्र एवं व्यवस्था पर भी कटाक्ष किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सपाई भी मौजूद रहे।