फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   How long confiscated vehicles keep rotting these are not criminals, wheels of national development

High Court: कब तक सड़ते रहेंगे जब्त वाहन...ये अपराधी नहीं, राष्ट्रीय विकास के पहिये हैं, कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

Fri, 23 May 2025 06:03 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 23 May 2025 06:03 AM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि थानों, गोदामों और डिपो में जब्त वाहन कब तक सड़ते रहेंगे। सजा अपराधी को दी जाती है, वाहन को नहीं। ये केवल अपराध के सुबूत ही नहीं, राष्ट्रीय विकास के पहिये भी हैं।

विज्ञापन
How long confiscated vehicles keep rotting these are not criminals, wheels of national development
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि थानों, गोदामों और डिपो में जब्त वाहन कब तक सड़ते रहेंगे। सजा अपराधी को दी जाती है, वाहन को नहीं। ये केवल अपराध के सुबूत ही नहीं, राष्ट्रीय विकास के पहिये भी हैं। इनके निस्तारण में देरी केवल प्रशासनिक विफलता ही नहीं, बल्कि सांविधानिक अधिकारों का हनन है। इस तल्ख टिप्पणी संग कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि एक उच्चस्तरीय समन्वय समिति का गठन कर छह महीने में स्पष्ट और प्रभावी नीति बनाएं, ताकि इन जब्त वाहनों का निस्तारण किया जा सके।

विज्ञापन

यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की पीठ ने अलीगढ़ निवासी बिरेंद्र सिंह, मुकेश कुमार व प्रावीन सिंह चौहान की ओर दाखिल याचिका पर दिया। कोर्ट ने कहा कि चाहे वाहन किसी भी अधिनियम के तहत जब्त किए गए हों, उनकी उपयोगिता देश के विकास में महत्वपूर्ण है। वाहन रोड पर चलते हैं, टैक्स भरते हैं और रोजगार उपलब्ध कराते हैं। देश के विकास में योगदान देते हैं। वाहनों को जब्त कर कबाड़ बनाना सीधा-सीधा राष्ट्रीय संसाधनों की बर्बादी है। जब्त वाहन वैध तरीके से वाहन स्वामियों को सुपुर्द किया जाए तो वाहन से ईंधन कर, टोल, जीएसटी और रोजगार में वृद्धि होगी।

विज्ञापन

हजारों वाहन धूल में तब्दील

अदालत के समक्ष रखे आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के पुलिस थानों में 72,776, आबकारी विभाग में 923 और परिवहन विभाग में 39,819 वाहन जब्त पड़े हैं। इनमें से 11,819 वाहन ऐसे हैं, जो 45 दिनों की सीमा लांघ चुके हैं। ऐसे में उनकी नीलामी हो जानी चाहिए थी। यह मोटर कराधान नियम, 1998 के नियम 19-ए का उल्लंघन है। इसके अनुसार यदि वाहन का स्वामी 45 दिन के भीतर बकाया टैक्स, जुर्माना आदि का भुगतान नहीं करता तो परिवहन विभाग वाहन को नीलाम करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

समन्वय समिति में कौन-कौन

गठित की जाने वाली समन्वय समिति में गृह सचिव, प्रमुख सचिव (परिवहन व आबकारी), डीजी अभियोजन, एडीजी (तकनीकी व अपराध) और अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे। ये समिति संबंधित विभागों से सुझाव लेकर ठोस नीति बनाएगी।

अदालत के प्रमुख निर्देश

वेब पोर्टल बने: नीलामी की प्रक्रिया के लिए सिंगल-विंडो पोर्टल बने, जो सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) से जुड़ा हो।

केंद्रीयकृत वाहन यार्ड: केरल और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर प्रत्येक जिले में ऐसा यार्ड हो, जो क्यूआर कोड से ट्रैक हो और राज्य स्तरीय सूचना केंद्र से जुड़ा हो।

लावारिस वाहनों की नीलामी: छह महीने तक दावे न आने पर ऐसे वाहनों की नीलामी हो।

दुर्घटनाग्रस्त वाहन: इन्हें प्राथमिकता से निस्तारित किया जाए।

थानों की सफाई: पुलिस थानों में अब कोई वाहन सड़ता न मिले, डीजीपी को यह सुनिश्चित करना होगा।

विचाराधीन केस भी रुकावट नहीं: हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मुकदमा लंबित होना, किसी वाहन को अनिश्चितकाल तक रोके रखने का कारण नहीं हो सकता, जब तक वह सबूत के तौर पर जरूरी न हो।

अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने बताया कि अलीगढ़ निवासी बिरेंद्र सिंह के पिकअप से आबकारी विभाग ने 50 पाउच बरामद करने का दावा किया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया था। ट्रायल कोर्ट ने जब्त वाहन छोड़ने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट के आदेश से राहत मिली और वाहन छोड़ दिया गया। इस दौरान कोर्ट ने पाया कि जब्त वाहनों को छोड़ने के लिए कई मामले हाईकोर्ट आ रहे हैं। इस पर कोर्ट ने विस्तृत आदेश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed