फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Honorable people changed party beliefs to ride to power

Prayagraj News: सत्ता की सवारी के लिए माननीयों ने खूब बदली दलगत आस्था

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Mar 2024 03:45 AM IST
विज्ञापन
Honorable people changed party beliefs to ride to power
सत्ता की सवारी के लिए सियासी गलियारों में दलगत आस्था लंबे समय से बदलती रही है। देश के आठवें प्रधानमंत्री रहे वीपी सिंह और यूपी के सीएम रहे हेमवतीनंदन बहुगुणा ने भी सत्ता में बने रहने के लिए दलबदल का सहारा लिया। कई नेता तो दो से अधिक दलों से चुनाव लड़ चुके हैं। चुनावी चौसर फिर बिछ गया है और इसी के साथ ऐसे नेताओं की दलगत आस्था भी डगमगाने लगी है। हर प्रमुख दलों से संपर्क साधने के साथ ही टिकट के लिए जोड़तोड़ की जा रही है।
विज्ञापन

प्रयागराज की दोनों सीटों पर अभी किसी भी दल ने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। लेकिन, खास यह कि चार ऐसे बड़े नेता ऐसे हैं,जिनका नाम भाजपा के साथ इंडिया गठबंधन में भी चल रहा है। कई बार तो अलग-अलग खेमे से उनकी दावेदारी पक्की होने की अफवाहें भी उड़ाई जा रही हैं।
विज्ञापन

इनमें से कई नेताओं की पहली पसंद भाजपा है। तीन नेता तो अलग-अलग दलों से होते हुए इन दिनों भाजपा में हैं और टिकट के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। इनमें से एक नेता को भाजपा से टिकट मिलने की चर्चा भी दो दिनों से है। खास यह कि इनमें से दो नेताओं के नाम कांग्रेस व सपा से टिकट चाहने वालों की सूची में शामिल होने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, सपा के एक वरिष्ठ नेता का नाम भी भाजपा से टिकट की मांग करने वालों की सूची में शामिल है। इसके अलावा कांग्रेस से दावेदारों की सूची में भी उनका नाम शामिल है। कांग्रेस से उनकी दावेदारी पक्की भी हो गई है। हालांकि, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का विरोध आड़े आ रहा है।
कांग्रेस के एक बड़े नेता का कहना है कि अभी भाजपा से टिकट तय नहीं हुए हैं। भाजपा से प्रत्याशी घोषित होने के बाद ही तय हो पाएगा अब किन नामों पर विचार किया जाना है। सपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सियासत में आस्था मायने नहीं रखती। कई राजनीतिक परिवार चुनाव लड़े बिना नहीं रह सकते। उनकी पहचान ही सियासी है। इसलिए उनकी तरफ से हमेशा विकल्प खुले रहते हैं।

पुरानी है दल बदलने की परिपाटी
दलगत आस्था बदलने का दौर इन दिनों बढ़ जरूर गया है, लेकिन पहले भी कई नेता पार्टी बदलकर संसद पहुंचने में सफल रहे हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह, जंगबहादुर पटेल, रामपूजन पटेल समेत कई बड़े नेता शामिल हैं।
प्रमुख नेता जो अलग-अलग दलों से लड़े लोकसभा चुनाव
विश्वनाथ प्रताप सिंह - कांग्रेस, निर्दलीय, जनता दल
हेमवती नंदन बहुगुणा - कांग्रेस, लोकदल
रामपूजन पटेल - कांग्रेस, जनता दल
बेनी माधव बिंद - बीएसपी, भाजपा
जंग बहादुर पटेल - बसपा, सपा
श्यामा चरण गुप्ता - भाजपा, सपा
धर्मराज पटेल - सपा, कांग्रेस
डॉ.रीता बहुगुणा जोशी - कांग्रेस, भाजपा
अतीक अहमद - सपा, अपना दल
केशरी देवी पटेल - बसपा, भाजपा
योगेश शुक्ला - भाजपा, कांग्रेस
नंद गोपाल गुप्ता नंदी - कांग्रेस से चुनाव लड़े, अब भाजपा में
अशोक बाजपेई - बसपा से चुनाव लड़े, अब भाजपा में
डॉ.केपी श्रीवास्तव - बसपा से चुनाव लड़े, अब भाजपा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed