{"_id":"57c1fa844f1c1bf638d5019f","slug":"homes-silt-mud-pile-damaged-windows-doors","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों में सिल्ट, मिट्टी का ढेर, खराब हो गए खिड़की, दरवाजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों में सिल्ट, मिट्टी का ढेर, खराब हो गए खिड़की, दरवाजे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 28 Aug 2016 02:25 AM IST
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allahabad
इलाहाबाद। बाढ़ का पानी नीचे जाने के बाद अशोक नगर मऊसरैया के सोनू जायसवाल अपने परिवार के साथ घर की सफाई में जुटे हैं। घर का निचला हिस्सा करीब 10 दिन पानी में डूबा रहा। चार कमरों में भरी जलकुंभी, मिट्टी और सिल्ट को हटाते सोनू को दो दिन बीत चुके हैं। पानी के कारण घर की दीवार के साथ लकड़ी की खिड़की, दरवाजे, बिजली की वायरिंग, पंखा, बत्ती, स्विच भी खराब हो गए। झाड़ू, फावड़ा लेकर सफाई में जुटे सोनू का कहना है कि बाढ़ की वजह से घर में करीब 30 हजार रुपये का नुकसान हो गया। चारों कमरों में रंगाई-पुताई के साथ दरवाजे, खिड़की के साथ बिजली के तार और स्विच, लाइट, पंखे भी बदलवाने पड़ेंगे। बाढ़ का दंश झेलने वाले सोनू जैसे हजारों परिवारों की यही परेशानी है। सोनू के घर से करीब 20 मीटर आगे, जहां अभी भी चार से पांच फीट तक पानी है, वहां स्थिति और खराब है।
गंगा-यमुना लौटने के साथ अपने पीछे भारी मात्रा में गंदगी छोड़ गईं। अशोक नगर नेवादा, मऊसरैया, पत्रकार कॉलोनी के नीचे, राजापुर गंगा नगर, उंचवागढ़ी तक सैकड़ों मकानों से पानी निकल चुका है, लेकिन गंदगी और जगह-जगह भरे पानी से उठती दुर्गंध मुसीबत बन गई हैं। उंचवागढ़ी के दिनेश यादव की गौशाला और उसके बगल के तीन कमरे पूरी तरह खराब हो चुके हैं। जलस्तर बढ़ने पर दिनेश ने अपने मवेशियों को तो बाहर निकला लिया लेकिन उनका चारा नहीं हटा सके। बाढ़ के पानी में चूनी, चोकर, भूसा सड़ गया। पानी लौटने के बाद शनिवार सुबह वह अपने घर के भीतर घुसे तो हालत देखकर रुआसे हो गए। गंगा की लहरों के कारण दीवार का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ गया। दो मजदूरों को लगाकर सफाई करा रहे दिनेश खराब हो चुके सामान को घर के सामने से लौट रहीं गंगा में ही बहा दे रहे हैं।
बेली गांव में भी कमोबेश यही स्थिति है। यहां कछारी इलाके में बड़ी संख्या में मकान हैं। बाढ़ का पानी ओवर हेड टैंक से काफी पीछे चला लगा गया है, लेकिन जिस तरह सड़क, गली और घरों में चौतरफा गंदगी और दुर्गंध छोड़ गया है, काम धंधा छोड़कर उसे साफ करने में लोगों का पूरा दिन बीत जा रहा है। मेहंदौरी, रसूलाबाद, शिवकुटी से लेकर गोविंदपुर, भुलई का पुरा तक जिन घरों से पानी निकल चुका है, शनिवार को पूरे दिन लोग सफाई में जुटे रहे। सलोरी, बघाड़ा, ढरहरिया में भी जलस्तर कम होने के बाद लोग काम में जुटे हैं। दारागंज में सब्जी मंडी से नागवासुकि मंदिर की ओर जाने वाली सड़क और उससे लगे मकान अब भी जलमग्न हैं। उधर, यमुना से लगे गौस नगर, शम्स नगर, जेके आशियाना, सदियापुर, दरियाबाद, बलुआघाट, गऊघाट आदि क्षेत्रों में भी पानी कम होने के बाद महिलाओं, पुरुषों से लेकर बच्चे तक घरों की सफाई में जुटे हैं।
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गंगा में बहकर आ रहे शव
इलाहबाद। गंगा में बहकर आ रहे शव निचले इलाकों में रहने वालों के लिए मुसीबत बन गई हैं। शनिवार को दारागंज में दशाश्वमेध मंदिर से कुछ दूर एक शव पानी में उतराता दिखा। इसके पहले सलोरी से दारागंज के बीच में पानी में कई लाशें नजर आ चुकीं हैं। कुछ लोगों ने तो घर के सामने लगे शव को बांस के सहारे गंगा में दूर ढकेलने का प्रयास भी किया लेकिन लहरों के कारण वह बार-बार किनारे लग जा रहा है।
बमरौली, फाफामऊ, झूंसी समेत कई हिस्सों में लोग शव को गंगा के कछार में दफना देते हैं। फाफामऊ में रेलवे पुल के ठीक नीचे अक्सर ऐसा होता है। बच्चों के शवों को जलाने के बजाए लोग बालू में दफना देते हैं। बाढ़ आने पर बालू में दफनाए गए शव पानी में उतराने लगते हैं। फाफामऊ, दारागंज के घाटियों के मुताबिक बाढ़ आने के पहले गंगा के कछार में दफनाए गए शव पानी बढ़ने के साथ बालू में कटान होने पर बाहर आ जाते हैं। उनके मुताबिक सप्ताहभर में पांच-छह शव गंगा में उतराते नजर आ चुके हैं।
सफाई के साथ कीटनाशक का छिड़काव, फॉगिंग भी
इलाहाबाद। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी लौटने के बाद चौतरफा फैली गंदगी की सफाई नगर निगम अभियान चलाकर करा रहा है। पानी के साथ बहकर आई जलकुंभी, मिट्टी, सिल्ट हटाने के साथ कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जा रही है। नगर आयुक्त शेष मणि पांडेय और नगर स्वास्थ्य अधिकारी निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था पर बराबर नजर भी रख रहे हैं। निगम की ओर से शनिवार को करेलाबाग के गौस नगर, शम्स नगर, बलुआघाट, गऊघाट, कीडगंज क्षेत्रों में सफाई कराई गई। इसी तरह अशोक नगर, राजापुर, बेली गांव, तेलियरगंज, रसूलाबाद, बघाड़ा, सलोरी आदि इलाकों में भी सड़क, गलियों में फैली जलकुंभी, मिट्टी, सिल्ट आदि हटवाने के साथ मैलाथियान, ब्लीचिंग, चूने का छिड़काव कराया गया। इन मोहल्लों के साथ राहत शिविरों में भी फॉगिंग कराई जा रही है।
महापौर ने दिया सफाई, कीटनाशक के छिड़काव का निर्देश
इलाहाबाद । बलुआघाट, गऊघाट, यमुना बैंक रोड, दारागंज, रसूलाबाद, बेली, ऊंचवागढ़ी, नेवादा अशोक नगर आदि मोहल्लों का शनिवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने निरीक्षण किया। बाढ़ प्रभावित हर मोहल्लों में बड़े पैमाने पर गंदगी मिली। दारागंज में नाव से भ्रमण के दौरान गंगा किनारे के घरों के आसपास भारी मात्रा में जलकुंभी और जगह-जगह शव तैरते दिखे। स्थानीय लोगों ने महापौर से समुचित सफाई और कीटनाशक के छिड़काव का अनुरोध किया। महापौर ने नगर आयुक्त को बाढ़ प्रभावित जिन क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकल चुका है, वहां सफाई, कीटनाशक का छिड़काव एवं फॉगिंग का निर्देश दिया। संक्रामक रोगों के मद्देनजर काम में किसी तरह की लापरवाही न होने की हिदायत भी दी। निरीक्षण में मुख्य अभियंता विद्युत मोहनजी पांडेय, जेई एसएन पांडेय समेत कई पार्षद शामिल थे।
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गंगा-यमुना लौटने के साथ अपने पीछे भारी मात्रा में गंदगी छोड़ गईं। अशोक नगर नेवादा, मऊसरैया, पत्रकार कॉलोनी के नीचे, राजापुर गंगा नगर, उंचवागढ़ी तक सैकड़ों मकानों से पानी निकल चुका है, लेकिन गंदगी और जगह-जगह भरे पानी से उठती दुर्गंध मुसीबत बन गई हैं। उंचवागढ़ी के दिनेश यादव की गौशाला और उसके बगल के तीन कमरे पूरी तरह खराब हो चुके हैं। जलस्तर बढ़ने पर दिनेश ने अपने मवेशियों को तो बाहर निकला लिया लेकिन उनका चारा नहीं हटा सके। बाढ़ के पानी में चूनी, चोकर, भूसा सड़ गया। पानी लौटने के बाद शनिवार सुबह वह अपने घर के भीतर घुसे तो हालत देखकर रुआसे हो गए। गंगा की लहरों के कारण दीवार का प्लास्टर जगह-जगह से उखड़ गया। दो मजदूरों को लगाकर सफाई करा रहे दिनेश खराब हो चुके सामान को घर के सामने से लौट रहीं गंगा में ही बहा दे रहे हैं।
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बेली गांव में भी कमोबेश यही स्थिति है। यहां कछारी इलाके में बड़ी संख्या में मकान हैं। बाढ़ का पानी ओवर हेड टैंक से काफी पीछे चला लगा गया है, लेकिन जिस तरह सड़क, गली और घरों में चौतरफा गंदगी और दुर्गंध छोड़ गया है, काम धंधा छोड़कर उसे साफ करने में लोगों का पूरा दिन बीत जा रहा है। मेहंदौरी, रसूलाबाद, शिवकुटी से लेकर गोविंदपुर, भुलई का पुरा तक जिन घरों से पानी निकल चुका है, शनिवार को पूरे दिन लोग सफाई में जुटे रहे। सलोरी, बघाड़ा, ढरहरिया में भी जलस्तर कम होने के बाद लोग काम में जुटे हैं। दारागंज में सब्जी मंडी से नागवासुकि मंदिर की ओर जाने वाली सड़क और उससे लगे मकान अब भी जलमग्न हैं। उधर, यमुना से लगे गौस नगर, शम्स नगर, जेके आशियाना, सदियापुर, दरियाबाद, बलुआघाट, गऊघाट आदि क्षेत्रों में भी पानी कम होने के बाद महिलाओं, पुरुषों से लेकर बच्चे तक घरों की सफाई में जुटे हैं।
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गंगा में बहकर आ रहे शव
इलाहबाद। गंगा में बहकर आ रहे शव निचले इलाकों में रहने वालों के लिए मुसीबत बन गई हैं। शनिवार को दारागंज में दशाश्वमेध मंदिर से कुछ दूर एक शव पानी में उतराता दिखा। इसके पहले सलोरी से दारागंज के बीच में पानी में कई लाशें नजर आ चुकीं हैं। कुछ लोगों ने तो घर के सामने लगे शव को बांस के सहारे गंगा में दूर ढकेलने का प्रयास भी किया लेकिन लहरों के कारण वह बार-बार किनारे लग जा रहा है।
बमरौली, फाफामऊ, झूंसी समेत कई हिस्सों में लोग शव को गंगा के कछार में दफना देते हैं। फाफामऊ में रेलवे पुल के ठीक नीचे अक्सर ऐसा होता है। बच्चों के शवों को जलाने के बजाए लोग बालू में दफना देते हैं। बाढ़ आने पर बालू में दफनाए गए शव पानी में उतराने लगते हैं। फाफामऊ, दारागंज के घाटियों के मुताबिक बाढ़ आने के पहले गंगा के कछार में दफनाए गए शव पानी बढ़ने के साथ बालू में कटान होने पर बाहर आ जाते हैं। उनके मुताबिक सप्ताहभर में पांच-छह शव गंगा में उतराते नजर आ चुके हैं।
सफाई के साथ कीटनाशक का छिड़काव, फॉगिंग भी
इलाहाबाद। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी लौटने के बाद चौतरफा फैली गंदगी की सफाई नगर निगम अभियान चलाकर करा रहा है। पानी के साथ बहकर आई जलकुंभी, मिट्टी, सिल्ट हटाने के साथ कीटनाशक दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जा रही है। नगर आयुक्त शेष मणि पांडेय और नगर स्वास्थ्य अधिकारी निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था पर बराबर नजर भी रख रहे हैं। निगम की ओर से शनिवार को करेलाबाग के गौस नगर, शम्स नगर, बलुआघाट, गऊघाट, कीडगंज क्षेत्रों में सफाई कराई गई। इसी तरह अशोक नगर, राजापुर, बेली गांव, तेलियरगंज, रसूलाबाद, बघाड़ा, सलोरी आदि इलाकों में भी सड़क, गलियों में फैली जलकुंभी, मिट्टी, सिल्ट आदि हटवाने के साथ मैलाथियान, ब्लीचिंग, चूने का छिड़काव कराया गया। इन मोहल्लों के साथ राहत शिविरों में भी फॉगिंग कराई जा रही है।
महापौर ने दिया सफाई, कीटनाशक के छिड़काव का निर्देश
इलाहाबाद । बलुआघाट, गऊघाट, यमुना बैंक रोड, दारागंज, रसूलाबाद, बेली, ऊंचवागढ़ी, नेवादा अशोक नगर आदि मोहल्लों का शनिवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने निरीक्षण किया। बाढ़ प्रभावित हर मोहल्लों में बड़े पैमाने पर गंदगी मिली। दारागंज में नाव से भ्रमण के दौरान गंगा किनारे के घरों के आसपास भारी मात्रा में जलकुंभी और जगह-जगह शव तैरते दिखे। स्थानीय लोगों ने महापौर से समुचित सफाई और कीटनाशक के छिड़काव का अनुरोध किया। महापौर ने नगर आयुक्त को बाढ़ प्रभावित जिन क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकल चुका है, वहां सफाई, कीटनाशक का छिड़काव एवं फॉगिंग का निर्देश दिया। संक्रामक रोगों के मद्देनजर काम में किसी तरह की लापरवाही न होने की हिदायत भी दी। निरीक्षण में मुख्य अभियंता विद्युत मोहनजी पांडेय, जेई एसएन पांडेय समेत कई पार्षद शामिल थे।