{"_id":"57546a024f1c1b2a46109354","slug":"home-minister-on-the-issue-of-cbi-preparing-to-corner","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीआई जांच के मुद्दे पर गृहमंत्री को घेरने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीआई जांच के मुद्दे पर गृहमंत्री को घेरने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:24 AM IST
विज्ञापन
यूपीपीएससी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच के मुद्दे पर प्रतियोगियों ने भाजपा नेताओं को घेरने की तैयारी की है। इसके लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बयान को ही हथियार बनाया जा रहा है। इलाहाबाद में 12 एवं 13 जून को भाजपा की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने वाली है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। प्रतियोगी अभी से भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं, ताकि प्रधानमंत्री की सभा में इस मुद्दे को उठाया जा सके। उनकी कोशिश यह भी है 2017 विधानसभा चुनाव में भी इसे प्रमुख मुद्दा बनाया जाए। इस मुद्दे को जोर शोर से उठवाने के लिए उन्होंने साक्ष्य भी जुटाने शुरू कर दिए हैं।
आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रतियोगी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। पीसीएस-2016 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद उनकी नाराजगी और बढ़ गई है और इस मांग को लेकर वे एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। उनका कहना है कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में अनियमितता हुई है। संशोधित उत्तर कुंजी में आठ प्रश्नों के जवाब में परिवर्तन को लेकर भी उनमें नाराजगी है। प्रतियोगी आंदोलन और कानूनी लड़ाई के साथ इसे सियासी मुद्दा बनाने की भी तैयारी में हैं। गृहमंत्री राजनाथ ने 30 अप्रैल 2014 को इलाहाबाद में चुनावी रैली के दौरान लोक सेवा आयोग की भर्तियों भ्रष्टाचार की बात करते हुए जांच की बात कही थी।
उन्होंने कहा था कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो भ्रष्टाचार की जांच कराई जाएगी। प्रतियोगियों के इस आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष और सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था, लेकिन दो साल बाद भी प्रतियोगियों की यह मांग पूरी नहीं हुई। ऐसे में वे प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राजनाथ तथा अन्य नेताओं को चुनाव से पहले किया गया वादा याद दिलाने की कोशिश में हैं। इसके अलावा प्रतियोगियों के अलग-अलग संगठन की ओर से कार्यकारिणी की बैठक के दौरान भाजपा नेताओं से मिलने और ज्ञापन सौंपने की भी योजना बनाई गई है। इस कवायद के बीच परेड मैदान में प्रधानमंत्री की सभा के दौरान भी विरोध की आवाज मुखर हो सकती है।
विज्ञापन
एनएसयूआई की रविवार को हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के विरोध की घोषणा की। विश्वविद्यालयाें के गिरते स्तर, महंगाई आदि को मुद्दा बनाते हुए संगठन की ओर से 12 और 13 जून को इलाहाबाद बंद का भी आह्वान किया गया। बैठक में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी, विजय मिश्र, कोमलाक्ष नारायण गिरि आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रतियोगी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। पीसीएस-2016 प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद उनकी नाराजगी और बढ़ गई है और इस मांग को लेकर वे एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। उनका कहना है कि पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में अनियमितता हुई है। संशोधित उत्तर कुंजी में आठ प्रश्नों के जवाब में परिवर्तन को लेकर भी उनमें नाराजगी है। प्रतियोगी आंदोलन और कानूनी लड़ाई के साथ इसे सियासी मुद्दा बनाने की भी तैयारी में हैं। गृहमंत्री राजनाथ ने 30 अप्रैल 2014 को इलाहाबाद में चुनावी रैली के दौरान लोक सेवा आयोग की भर्तियों भ्रष्टाचार की बात करते हुए जांच की बात कही थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा था कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो भ्रष्टाचार की जांच कराई जाएगी। प्रतियोगियों के इस आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष और सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था, लेकिन दो साल बाद भी प्रतियोगियों की यह मांग पूरी नहीं हुई। ऐसे में वे प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राजनाथ तथा अन्य नेताओं को चुनाव से पहले किया गया वादा याद दिलाने की कोशिश में हैं। इसके अलावा प्रतियोगियों के अलग-अलग संगठन की ओर से कार्यकारिणी की बैठक के दौरान भाजपा नेताओं से मिलने और ज्ञापन सौंपने की भी योजना बनाई गई है। इस कवायद के बीच परेड मैदान में प्रधानमंत्री की सभा के दौरान भी विरोध की आवाज मुखर हो सकती है।
विज्ञापन
एनएसयूआई की रविवार को हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के विरोध की घोषणा की। विश्वविद्यालयाें के गिरते स्तर, महंगाई आदि को मुद्दा बनाते हुए संगठन की ओर से 12 और 13 जून को इलाहाबाद बंद का भी आह्वान किया गया। बैठक में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी, विजय मिश्र, कोमलाक्ष नारायण गिरि आदि मौजूद रहे।