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हॉलैंड हॉलः तब भी हॉस्टल में बनते और खूब चलते थे बम

Sun, 09 Feb 2020 12:28 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2020 12:28 AM IST
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Holland hall alumni meet 2020
Holland hall alumni meet 2020 - फोटो : ALDCOMPACT
हॉलैंड हॉल हॉस्टल के पुराछात्र सम्मेलन में ताजा हुईं यादें
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प्रयागराज। केंद्रीय लेखा परीक्षा के प्रधान निदेशक राजकुमार सिंह ने 25 वर्षों बाद हॉलैंड हॉल हॉस्टल में शनिवार को कदम रखा तो खुद को भावुक होने से रोक नहीं सके। पुराछात्र सम्मेलन में उन्हें कई ऐसे भूले-बिसरे चेहरे मिल गए, जो छात्र जीवन में उनके सुख-दुख के साथी थे। हंसी-मजाक के बीच चर्चा चल पड़ी कि हॉस्टल में बम कोई नहीं बात नहीं, यह तो तब भी बना और चला करते थे, जब हम हॉस्टल में थे।
हॉलैंड हॉल में 12 वर्षों के बाद पुराछात्र सम्मेलन ‘आहट-2020’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह मुन्ना थे। इस मौके पर पूर्व छात्र कन्हैया सिंह, कुलपति प्रो. आरआर तिवारी, चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय, हिंदी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मुश्ताक अली, पूर्व अधीक्षक रंजीत सिंह, छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, छात्र नेता अजीत विधायक, शैलेंद्र मौर्या, नीरज प्रताप सिंह, अतेंद्र सिंह, दुर्गेश कुमार सत्यम कुशवाहा, राहुल आदि मौजूद रहे।
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रात में जूता-मोजा पहनकर सोते थे छात्र
प्रधान निदेशक राजकुमार सिंह को आज भी वह दिन याद है, जब मंडल कमीशन को लेकर देश भर में घमासान मचा हुआ था और हॉस्टल के तमाम छात्र रात में जूता-मोजा पहनकर सोते थे। रात में पुलिस-पुलिस की आवाज आती तो दीवार फांदकर भाग जाते थे। राजकुमार ने बीए, एमए की पढ़ाई इविवि से की और इसके बाद 1995 में उनका चयन इंडियन ऑडिट एंड एकाउंट सर्विसेज में हो गया।
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डूरंड कप में खेलते थे पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष
- इविवि में दोबारा छात्रसंघ के उपाध्यक्ष और एक बार अध्यक्ष रहे अरुण कुमार सिंह ‘मुन्ना’ फुटबाल के अच्छे खिलाड़ी थे और वह डूरंड कप खेलने नेपाल भी गए थे। उन्होंने 60 के दशक में इविवि में प्रवेश लिया और इसके बार छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए। उन्होंने बताया कि इविवि परिसर में अगर कोई बाहरी हुड़दंगी दिख जाता था, तो उससे सिर्फ एक बार पूछते थे कि यहां कैसे और फिर वह सीधे भागता था। बड़े से बड़े बदमाश की हिम्मत नहीं थी कि परिसर में गुंडागर्दी कर सके।
इनका तो पूरा परिवार ही हॉस्टल में रहा
सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता एवं सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य डॉ. भीम प्रताप सिंह हॉलैंड हॉल में रहकर पढ़े। उन्होंने 1988 में यहां से एमए किया और इसके बाद एलएलबी की पढ़ाई की। इससे पूर्व उनके पिता शिव बहादुर सिंह और बाद में डॉ. भीम के भाई सुरेंद्र प्रताप सिंह भी इसी हॉस्टल में रहकर पढ़े। सुरेंद्र वर्तमान में एसपी है।
हॉस्टल से अंतर्राष्ट्रीय तैराकी तक का किया सफर
- पुरा छात्र सम्मेलन में शामिल राकेश सिंह ने वर्ष 1973 में बीएससी में दाखिल किया। इसके लिए एलएलबी की पढ़ाई की। शुरुआत में वह वॉलीबाल खेला करते थे, लेकिन इसके बाद तैराकी शुरू कर दी। राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में कई पदक जीत तो अंतर्राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में उन्हें देश का प्रतिनिधित्व का मौका मिला।

हॉस्टल की हालत पर जताई चिंता
पुराछात्र सुनील कुमार सिंह ने 2008 में हॉलैंड हॉल हॉस्टल छोड़ा। वर्तमान में वह फुलपुर में सप्लाई इंस्पेक्टर हैं। हॉस्टल की हालत पर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि यहां प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। साथ ही सम्मेलन में ट्रस्ट के पदाधिकारियों के शामिल न होने पर उन्होंने इसकी आलोचना की।

Holland hall alumni meet 2020

Holland hall alumni meet 2020- फोटो : ALDCOMPACT

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