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मंसूर अली पार्क में बनी गुझिया और पापड़
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Holi festival celebrated at Mansoor Ali Park in Prayagraj
- फोटो : ALDCOMPACT
सीएए के विरोध में धरना दे रही महिलाआें ने रंगोली बना दिया साझा संस्कृति का संदेश
प्रयागराज। सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में मंसूर अली पार्क में 60 दिनों से जारी धरने में भी होली का उल्लास दिखा। धरने में शामिल महिलाओं ने गुझिया, पापड़ आदि बनाए और एक दूसरे को बांटे।
महिलाओं ने रंगोली के माध्यम से भी धार्मिक सौहार्द का संदेश दिया। साथ में सीएए, एनआरसी का विरोध किया। वहां होली मिलन कार्यक्रम की भी घोषणा की गई थी, लेकिन दिल्ली दंगा तथा आंदोलन के दौरान महिलाओं की मौत की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया। धरने में शामिल महिलाओं तथा अलग-अलग संगठन के वक्ताओं ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया। उनमें प्रशासन की ओर से लगातार मिल रहे नोटिस तथा एफआईआर को लेकर नाराजगी भी रही।
आंदोलन की अगुवाई कर रहीं सारा अहमद सिद्दीकी का कहना था कि अब यह लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। उन्होंने महिलाओं से धैर्य के साथ लड़ाई जारी रखने की अपील की। अविनाश मिश्रा, जीशान रहमानी, सुनील मौर्य आदि ने सीएए एवं एनआरसी के खतरे बताए तथा मांग पूरी होने तक लड़ाई जारी रखने की घोषणा की। सीएए के विरोध में अलग-अलग मोहल्लों से महिलाओं ने जुलूस निकाले तथा धरने में शामिल हुईं। इस दौरान फातिमा, सै.मो.अस्करी, मानविका,निशु, शिवा, फौजिया, इरम आदि ने विचार रखे। जुलूस पहुंचने और संबोधन का दौर देर रात तक जारी रहा।
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प्रयागराज। सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में मंसूर अली पार्क में 60 दिनों से जारी धरने में भी होली का उल्लास दिखा। धरने में शामिल महिलाओं ने गुझिया, पापड़ आदि बनाए और एक दूसरे को बांटे।
महिलाओं ने रंगोली के माध्यम से भी धार्मिक सौहार्द का संदेश दिया। साथ में सीएए, एनआरसी का विरोध किया। वहां होली मिलन कार्यक्रम की भी घोषणा की गई थी, लेकिन दिल्ली दंगा तथा आंदोलन के दौरान महिलाओं की मौत की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया। धरने में शामिल महिलाओं तथा अलग-अलग संगठन के वक्ताओं ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया। उनमें प्रशासन की ओर से लगातार मिल रहे नोटिस तथा एफआईआर को लेकर नाराजगी भी रही।
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आंदोलन की अगुवाई कर रहीं सारा अहमद सिद्दीकी का कहना था कि अब यह लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। उन्होंने महिलाओं से धैर्य के साथ लड़ाई जारी रखने की अपील की। अविनाश मिश्रा, जीशान रहमानी, सुनील मौर्य आदि ने सीएए एवं एनआरसी के खतरे बताए तथा मांग पूरी होने तक लड़ाई जारी रखने की घोषणा की। सीएए के विरोध में अलग-अलग मोहल्लों से महिलाओं ने जुलूस निकाले तथा धरने में शामिल हुईं। इस दौरान फातिमा, सै.मो.अस्करी, मानविका,निशु, शिवा, फौजिया, इरम आदि ने विचार रखे। जुलूस पहुंचने और संबोधन का दौर देर रात तक जारी रहा।
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