प्रयागराज : शौक बना हुनर, एशियन हैंडबॉल प्रतियोगिता में धूम मचाएंगी तेजस्वनी
पीएसी में तैनात राजेश सिंह की बेटी तेजस्वनी सिंह (27) का चयन 23 सितंबर से चीन के हांगझोऊ शहर में आयोजित होने वाले 19वें एशियन गेम्स में हैंडबॉल की स्पर्धा में हिस्सा लेने के लिए भारतीय टीम में हुआ है। भारत की 16 सदस्यीय टीम में शामिल तेजस्वनी ने इस खेल की शुरुआत शौक में की थी।
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हुनर किसी परिचय का मोहताज नहीं होता। अगर दृढ़ निश्चय कर लिया जाए तो पहाड़ को तोड़कर भी रास्ता बनाया जा सकता है। इसे साबित किया है नैनी पीएसी कॉलोनी की रहने वाली हैंडबॉल खिलाड़ी तेजस्वनी सिंह ने। उन्होंने शौक-शौक में एक छोटे से मैदान में हैंडबॉल का खेल खेलना शुरू किया और उस मैदान की चहारदीवारी से निकलकर अब अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी छाप छोड़ने का ख्वाब पूरा करने की तैयारी में जुटी हैं।
पीएसी में तैनात राजेश सिंह की बेटी तेजस्वनी सिंह (27) का चयन 23 सितंबर से चीन के हांगझोऊ शहर में आयोजित होने वाले 19वें एशियन गेम्स में हैंडबॉल की स्पर्धा में हिस्सा लेने के लिए भारतीय टीम में हुआ है। भारत की 16 सदस्यीय टीम में शामिल तेजस्वनी ने इस खेल की शुरुआत शौक में की थी।
तेजस्वनी बताती हैं कि उन्होंने वर्ष 2010 में यह खेल खेलना शुरू किया। तब घर के पास के ही मैदान में अकसर बच्चों को हैंडबाल खेलते हुए देखती थीं। कई बार घर का सामान लेने दुकान जातीं तो रुककर मैच देखने लग जातीं। एक दिन पिता से यह खेल खेलने की इच्छा जताई तो पिता ने हामी भर दी और खुद मैदान तक लेकर गए। इसके बाद से वह अकसर उनका खेल देखने के लिए मैदान जाते रहते थे।
पहली बार में ही लखनऊ स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए हुआ था चयन
उन्होंने बताया कि अच्छा खेलने लगीं तो उसी वर्ष स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए ट्रायल दिया। पहली बार में ही लखनऊ स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए चयन हो गया। वर्ष 2017 तक हॉस्टल की ओर से ही राष्ट्रीय स्तर तक की स्पर्धा में अच्छा प्रदर्शन किया। इसी दौरान वर्ष 2018 में एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल, लखनऊ) में चयन हो गया। इसके बाद तो अपने खेल के अभ्यास को और भी बढ़ा दिया। रोजाना सात से आठ घंटे की मेहनत का नतीजा है कि प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसी मेहनत की बदौलत अब एशियन गेम्स तक का सफर तय करने जा रही हैं।
पिछली बार कैंप से हुई थीं बाहर
तेजस्वनी बताती हैं कि हैंडबाल में एशियन गेम्स सबसे बड़ी प्रतियोगिता है। इस प्रतियोगिता में खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। उन्होंने भी इस स्पर्धा का हिस्सा बनने का सपना हर दिन देखा है। वर्ष 2018 में एशियन गेम्स के लिए पंजाब में भारतीय टीम का ट्रायल और कैंप दोनों किया था। अंतिम सूची में उनका नाम नहीं आया था, जिसपर वह बेहद निराश हुई थीं। रोते हुए संकल्प लिया था कि जब तक एशियन गेम्स नहीं खेल लेंगी चैन से नहीं बैठेंगी। अब तेजस्वनी का एकमात्र लक्ष्य भारत को स्वर्ण पदक दिलाने का है।
कंधे की चोट के सामने भी नहीं टेके घुटने
तेजस्वनी बताती हैं कि 2018 में ही भारतीय टीम का कैंप करने के बाद जब वापस आईं तो अभ्यास के दौरान कंधे में गंभीर चोट लग गई। इसके बाद दो महीने तक बिस्तर पर रहीं। कई बार लगा कि अब उनका खेल उनसे छूट जाएगा, लेकिन मां रेखा सिंह, पिता राजेश सिंह और हैंडबॉल की ही राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी व छोटी बहन अंशिका सिंह ने उन्हें हौसला दिया। मैदान पर दो महीने के बाद लौटीं तो नए जोश के साथ अभ्यास शुरू किया।
25 को होगा पहला मुकाबला
प्रतियोगिता में भारत को ग्रुप बी में रखा गया है। इस ग्रुप में भारत के साथ चीन, जापान, नेपाल और हांगकांग शामिल हैं। भारत का पहला मुकाबला 25 सितंबर को जापान से होगा। भारत 27 सितंबर को हांगकांग, 29 सितंबर को चीन और 31 सितंबर को नेपाल के खिलाफ मुकाबला खेलेगा।
चयन पर दी बधाई
तेजस्वनी सिंह के भारतीय महिला हैंडबॉल टीम में चयनित होने पर उत्तर प्रदेश हैंडबॉल संघ के महासचिव व हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. आनंदेश्वर पांडे, उत्तर प्रदेश हैंडबॉल की अध्यक्ष अलका दास, प्रयागराज हैंडबॉल संघ के सचिव कौशल कुमार दीक्षित, हैंडबॉल संघ नैनी के अध्यक्ष डीके मिश्रा, योगराज मिश्रा, बद्रीनाथ दीक्षित, बिट्टू सिंह आदि ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।