अमर उजाला संवाद : इस बार का कोरोना वैरिएंट बीएफ.7 मारक नहीं, सिर्फ संक्रामक
कोरोना के नए वैरिएंट बीएफ.7 को हराने के लिए आयुर्वेद में कई कारगर औषधियां हैं। घबराने की जरूरत इसलिए भी नहीं है कि इस बार का बैरिएंट जितना संक्रामक है, उतना ही मारक नहीं होगा। फिर भी सजगता बहुत जरूरी है।
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कोरोना के नए वैरिएंट बीएफ.7 को हराने के लिए आयुर्वेद में कई कारगर औषधियां हैं। घबराने की जरूरत इसलिए भी नहीं है कि इस बार का बैरिएंट जितना संक्रामक है, उतना ही मारक नहीं होगा। फिर भी सजगता बहुत जरूरी है। इसके संक्रमण से बचने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाना ही सबसे बड़ा हथियार साबित होगा।
आयुर्वेदिक औषधियों को निर्धारित मात्रा में वैद्य की सलाह पर समय से लेकर सुरक्षित रहा जा सकता है। यह बातें बुधवार को सिविल लाइंस स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयुर्वेद में कोरोना से बचाव के उपायों पर चर्चा के लिए आयोजित संवाद में शहर के प्रतिष्ठित वैद्यों ने कही। चंद्रशेखर सिंह आयुर्वेद संस्थान के प्रधानाचार्य प्रो. वीके गौर ने कोरोना से बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की।
उनका कहना था कि कई ऐसी औषधियां हैं, जिनकी निर्धारित मात्रा लेकर कोरोना को हराया जा सकता है। पिछली लहर में आयुष काढ़ा के असर को लोग देख चुके हैं। आरोग्य भारती काशी प्रांत के विभाग संयोजक वैद्य एसके राय का मानना है कि इस बार का वैरिएंट संक्रामक तो है, लेकिन मारक नहीं होगा। वैसे भी ऋतु परिवर्तन के समय संधिकाल में ऐसे संक्रमणों के लक्षण शात्रों में भी वर्णित हैं। पहले से भी प्रमाणित है कि जो रोग जितना तेजी से फैलेगा, वह उतना ही कम खतरनाक होगा।
ऐसे में नसिकर्म यानी सुबह शाम नाक में तिल या सरसों का तेल डालने के साथ ही तिक्त, कटु और कसाय वाले खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना चाहिए। इसी तरह प्रो. जीएस तोमर ने आयुर्वेद में खास तौर से बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए रामबाण साबित हो रहे स्वर्णप्राशन के इस्तेमाल की जानकारी दी। इसके अलावा गाय के घी, तिल के तेल को नाक और मुंह में लगाकर वैक्टीरिया से बचने की भी सलाह दी।
ऐसे में जल्द तैयार होने वाले पिज्जा, बर्गर और मैगी से बचना चाहिए। मौसमी ताजा फलों के साथ ही संतुलित और सुपाच्य आहार लेकर इम्युनिटी बढ़ाई जा सकती है। उनका कहना था कि आयुर्वेद में औषधियों का समय से मात्रानुसार सेवन कर किसी भी तरह के संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय धीनपुर अनिल कुमार के अलावा वैद्य आशुतोष मालवीय ने आयुर्वेदिक औषधियों के जरिए कोरोना से पार पाने के उपाय बताए।
संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके
-इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बार-बार काढ़ा या चूर्ण की अधिक मात्रा लेने से बचें
-पनीर से बनी सब्जियां, पकौड़े या कटलेट न खाएं
-औषधियों को समय पर उम्र के लिहाज से मात्रानुसार ही सेवन करें
-वायरस से बचने के लिए नाक में सुबह -शाम तिल या सरसों का तेल लगाएं
-संतुलित आहार, पर्याप्त निद्रा और ब्रह्मचर्य का पालन करें
- दिन में सोने से पूरी तरह परहेज करें
- फ्रिज में रखे फल और सब्जियों का सेवन करने से बचें
-जल्द तैयार होने वाले पिज्जा, बर्गर और मैगी जैसे आहार न लें तो ज्यादा बेहतर