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मंदिर तोड़ने के विरोध में हिंदू संगठन लामबंद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 03 Jun 2018 01:16 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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बैरहना में एडीए द्वारा काली मंदिर गिराने से नाराज विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बड़ा आंदोलन करने की तैयारी की है। मंदिर गिराने से खफा विहिप पदाधिकारियों ने दर्जन भर से ज्यादा ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची तैयार की है जो अतिक्रमण की जद में हैं। विहिप ने इलाहाबाद के जिलाधिकारी सुहास एलवाई को भी सूची की प्रति सौंपी है। कहा गया है कि अगर मंदिर तोड़ा गया है तो अवैध रूप से बने संबंधित धार्मिक स्थल भी ध्वस्त किए जाएं।
दरअसल कुंभ मेले के मद्देनजर तमाम चौराहों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार 30 मई की देर रात एडीए द्वारा बैरहना चौराहा स्थित काली मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने बृहस्पतिवार को खासा हंगामा किया। एक जून को विहिप पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया। विहिप की नाराजगी काली मंदिर और उसके बाद शुक्रवार की शाम राजरूपपुर में शिव मंदिर को तोड़े जाने को लेकर कुछ ज्यादा ही है। इसे लेकर विहिप ने डीएम के माध्यम से अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन में शहर के दर्जन भर से ज्यादा धार्मिक स्थलों को ध्वस्त करने की मांग की है। विहिप मठ मंदिर के जिला प्रमुख शिवम द्विवेदी के अनुसार जिला प्रशासन और एडीए अब उन धार्मिक स्थलों को भी हटाए जो प्रमुख सड़कों एवं चौराहों पर अवैध रूप से बने हुए हैं।
‘जिला प्रशासन से कहा गया है कि काली मंदिर का दुबारा निर्माण शुरू किया जाए। साथ ही बीच सड़क पर अवैध रूप से बने धार्मिक स्थल भी हटाएं जाए। अगर ऐसा न हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।’
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0 मुकेश, प्रांत संगठन मंत्री, विहिप।
पहले बैरहना और उसके बाद राजरूपपुर में मंदिर तोड़े जाने के विरोध में राष्ट्रीय हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने एडीए कार्यालय के बाहर तालाबंदी कर दी। इस दौरान यहां एडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कहा गया कि राजरूपपुर में मंदिर को तोड़ा गया, लेकिन वहीं कुछ दूर एक दूसरे धार्मिक स्थल को छोड़ दिया गया। जबकि वह भी अतिक्रमण के दायरे में था।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र दुबे सत्या के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने एडीए के वीसी को भी हटवाए जाने के साथ सिविल लाइंस बस स्टेशन के पास बने एक धार्मिक स्थल को हटाए जाने की मांग की। सत्येंद्र ने कहा कि एडीए द्वारा जिस तरह से मंदिरों को गिराया जा रहा है उससे हिंदू समाज आहत है। इस मामले में अब तक किसी भी एडीए अफसर एवं कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि अगर कार्रवाई न हुई तो संगठन के बैनर तले उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान एडीए के जोनल अफसर आलोक पांडेय प्रदर्शनकारियों से मिलने नीचे आए और उन्होंने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई की बात कही। इसके बाद ही हिंदू संगठन ने ताला खोला। इस दौरान निशांत रस्तोगी, ओम प्रकाश दुबे, अभय प्रताप सिंह, अंकुर पांडेय, श्याम तिवारी, नितेश मिश्र, धीरज मिश्रा, भानू प्रकाश तिवारी, प्रकाश प्रजापति, अश्वनी पाल, दीपक शुक्ला, अंजनी दुबे आदि मौजूद रहे।
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दरअसल कुंभ मेले के मद्देनजर तमाम चौराहों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार 30 मई की देर रात एडीए द्वारा बैरहना चौराहा स्थित काली मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने बृहस्पतिवार को खासा हंगामा किया। एक जून को विहिप पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया। विहिप की नाराजगी काली मंदिर और उसके बाद शुक्रवार की शाम राजरूपपुर में शिव मंदिर को तोड़े जाने को लेकर कुछ ज्यादा ही है। इसे लेकर विहिप ने डीएम के माध्यम से अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन में शहर के दर्जन भर से ज्यादा धार्मिक स्थलों को ध्वस्त करने की मांग की है। विहिप मठ मंदिर के जिला प्रमुख शिवम द्विवेदी के अनुसार जिला प्रशासन और एडीए अब उन धार्मिक स्थलों को भी हटाए जो प्रमुख सड़कों एवं चौराहों पर अवैध रूप से बने हुए हैं।
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‘जिला प्रशासन से कहा गया है कि काली मंदिर का दुबारा निर्माण शुरू किया जाए। साथ ही बीच सड़क पर अवैध रूप से बने धार्मिक स्थल भी हटाएं जाए। अगर ऐसा न हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।’
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0 मुकेश, प्रांत संगठन मंत्री, विहिप।
पहले बैरहना और उसके बाद राजरूपपुर में मंदिर तोड़े जाने के विरोध में राष्ट्रीय हिंदू संगठन से जुड़े लोगों ने एडीए कार्यालय के बाहर तालाबंदी कर दी। इस दौरान यहां एडीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कहा गया कि राजरूपपुर में मंदिर को तोड़ा गया, लेकिन वहीं कुछ दूर एक दूसरे धार्मिक स्थल को छोड़ दिया गया। जबकि वह भी अतिक्रमण के दायरे में था।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र दुबे सत्या के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने एडीए के वीसी को भी हटवाए जाने के साथ सिविल लाइंस बस स्टेशन के पास बने एक धार्मिक स्थल को हटाए जाने की मांग की। सत्येंद्र ने कहा कि एडीए द्वारा जिस तरह से मंदिरों को गिराया जा रहा है उससे हिंदू समाज आहत है। इस मामले में अब तक किसी भी एडीए अफसर एवं कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि अगर कार्रवाई न हुई तो संगठन के बैनर तले उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान एडीए के जोनल अफसर आलोक पांडेय प्रदर्शनकारियों से मिलने नीचे आए और उन्होंने ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई की बात कही। इसके बाद ही हिंदू संगठन ने ताला खोला। इस दौरान निशांत रस्तोगी, ओम प्रकाश दुबे, अभय प्रताप सिंह, अंकुर पांडेय, श्याम तिवारी, नितेश मिश्र, धीरज मिश्रा, भानू प्रकाश तिवारी, प्रकाश प्रजापति, अश्वनी पाल, दीपक शुक्ला, अंजनी दुबे आदि मौजूद रहे।