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पश्चिमी यूपी में हिंदू अदालतों के गठन पर जानकारी तलब
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 22 Aug 2018 01:43 AM IST
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हाईकोर्ट ने शरई अदालतों की तर्ज पर पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में हिंदू अदालतों के गठन पर प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है। कोर्ट ने इस मामले में डीएम मेरठ और हिंदू कोर्ट में नियुक्त जज को भी पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए दोनों को नोटिस जारी किया है। कानपुर के अमित सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर इन अदालतों के गठन को चुनौती दी है।
याचिका में समाचार पत्रों के हवाले से कहा गया है कि हिंदू संगठनों ने पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में हिंदू अदालतों का गठन कर लिया है। इसके पीछे उनका तर्क है कि राज्य की अदालतों में मुकदमों का बहुत बोझ है और लोगों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है। शरई अदालतों की तर्ज पर गठित इन अदालतों में पहला न्यायाधीश डा. पूजा शकुन पांडेय को बनाया गया है। मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने कहा कि याची ने इसमें किसी को पक्षकार नहीं बनाया है। कोर्ट ने डीएम मेरठ और डॉ. पूजा शकुन पांडेय को याचिका में पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए दोनों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार को भी 11 सितंबर को अगली सुनवाई पर इस मामले की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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याचिका में समाचार पत्रों के हवाले से कहा गया है कि हिंदू संगठनों ने पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में हिंदू अदालतों का गठन कर लिया है। इसके पीछे उनका तर्क है कि राज्य की अदालतों में मुकदमों का बहुत बोझ है और लोगों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है। शरई अदालतों की तर्ज पर गठित इन अदालतों में पहला न्यायाधीश डा. पूजा शकुन पांडेय को बनाया गया है। मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने कहा कि याची ने इसमें किसी को पक्षकार नहीं बनाया है। कोर्ट ने डीएम मेरठ और डॉ. पूजा शकुन पांडेय को याचिका में पक्षकार बनाने का निर्देश देते हुए दोनों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार को भी 11 सितंबर को अगली सुनवाई पर इस मामले की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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