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18 साल बाद खाली कराए जा सके हिन्दू और मुस्लिम हॉस्टल

अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद Updated Mon, 22 May 2017 01:45 AM IST
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इलाहाबाद
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद

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छिटपुट विरोध के बीच इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 18 साल बाद रविवार को हिन्दू हॉस्टल और मुस्लिम हॉस्टल खाली करा लिया। हिन्दू हॉस्टल में ज्यादातर कमरे रविवार सुबह तक अंत:वासियों ने खाली कर दिए, लेकिन मुस्लिम हॉस्टल में 23 कमरे खाली कराने में विवि और जिला प्रशासन के अफसरों के पसीने छूट गए। इन कमरों में यहीं के अंत:वासी रहे और अब अधिवक्ताओं, ठेकेदार तथा सरकारी एवं अन्य लोगों ने कब्जा कर रखा था। विवि प्रशासन ने दोनों हॉस्टलों में कुल 296 कमरे खाली कराके ताले लगाए। दो दिन की कार्रवाई में पांच हॉस्टलों में कुल 578 कमरे खाली कराए जा चुके हैं।
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डीएसडब्ल्यू प्रोफेसर आरकेपी सिंह, प्रॉक्टर प्रो.राम सेवक दुबे, सुरक्षा अधिकारी अजय सिंह के  नेतृत्व में भारी संख्या में आरएएफ, पीएसी, पुलिस के साथ के अफसर सुबह साढ़े 10 बजे हिन्दू हॉस्टल पहुंचे। कार्रवाई की सूचना पहले से थी, सो सभी 184 कमरे पहले से खाली थे, लेकिन अफसरों के पहुंचने पर काफी छात्र हॉस्टल के गेट पर जुट गए और नारेबाजी करते हुए कार्रवाई का विरोध करने का प्रयास किया। एसीएम प्रथम एसके मिश्र, सीओ कर्नलगंज आलोक मिश्र समेत आरएएफ एवं पुलिस ने छात्रों को हॉस्टल से दूर खदेड़ा। इसके बाद कार्रवाई शुरू हुई।


यहां पहली मंजिल के 92 कमरों में से ज्यादातर में अंत:वासियों ने ताले लगा दिए थे। इन तालों को तोड़ने और नए ताले लगाने में करीब तीन घंटे लग गए।
इसके बाद अफसर मुस्लिम हॉस्टल पहुंचे। कार्रवाई शुरू करने के पहले यहां भी जुटे कुछ अंत:वासियों ने विरोध का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के कारण उनकी एक न चली। यहां कुल 112 कमरे हैं, जिसमें से 89 कमरे खाली मिले, जिनमें ताले लगा दिए गए। कार्रवाई का विरोध करने वालों में ज्यादातर उन 23 कमरों में रहने वाले ही थे। पढ़ाई के बाद कुछ अंत:वासी वकालत करने लगे, जबकि कुछ की नौकरी लग गई, लेकिन कमरे नहीं छोड़े। अफसरों ने 23 कमरों से पूरा सामान बाहर निकलवाने के बाद ताले लगवा दिए। कार्रवाई में वार्डेन प्रो.एपी ओझा, अधीक्षक डॉ.सुधाकर त्रिपाठी, डॉ.अविनाश कुमार श्रीवास्तव, डॉ.उत्तम सिंह, डॉ.केएन उत्तम, डॉ.आरके आनंद, ओएसडी वीसी अमित सिंह शामिल थे।

इसके पहले इन दोनों हॉस्टलों में वर्ष 1999 में कार्रवाई हुई थी। तत्कालीन एसएसपी पीके तिवारी एवं प्रॉक्टर माताअंबर तिवारी के नेतृत्व में कार्रवाई के दौरान हिन्दू हॉस्टल तो पूरी तरह खाली करा लिया गया था लेकिन, मुस्लिम हॉस्टल में आधे कमरे खाली कराने के बाद विरोध की वजह से कार्रवाई रोक दी गई थी।

हिन्दू हॉस्टल में मुख्य गेट के बाईं तरफ अखाड़ा, जहां कभी अंत:वासी कुश्ती के लिए रियाज किया करते थे। इस अखाड़े में कमरा भी है। कुछ अंत:वासियों ने इस कमरे में अपना सामान छिपाकर भर दिया। प्रॉक्टर प्रो.राम सेवक दुबे ने सामान निकालने का निर्देश दिया। इस पर अधीक्षक ने आपत्ति की। उन्होंने कमरे से निकलने वाले सामान की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया। प्रो.दुबे ने स्पष्ट कर दिया कि सामान जिस छात्र है, ले जाने की जिम्मेदारी उसकी है। इसके बाद वहां से पूरा सामान बाहर निकालकर कमरे में ताला बंद किया गया।

हिन्दू हॉस्टल के कई कमरों में भरी हुई शराब की बोतले मिलीं। कमरों के आसपास काफी संख्या में खाली बोतलें भी बिखरीं मिलीं। वॉश आउट की कार्रवाई से नाराज काफी अंत:वासियों ने कमरे के बाहर कुलपति, प्रॉक्टर के बारे में अपशब्दों का प्रयोग करते हुए पोस्टर भी लगा रखे थे, जिसे पुलिस ने हटाया।

इविवि प्रशासन सोमवार को हॉलैंड हॉल और एसडी जैन हॉस्टल में कार्रवाई करेगा। इन हॉस्टलों में भी रविवार तक ज्यादातर कमरे खाली हो चुके हैं, लेकिन हॉलैंड हॉल में बवाल की आशंका जताई जा रही है। प्रॉक्टर के मुताबिक कार्रवाई सुबह साढ़े 10 बजे शुरू होगी।

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