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रिटायर्ड प्रिंसिपल को पेंशन नहीं देने पर हाईकोर्ट सख्त
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highcourt taken strong action in retired principal salary case
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिटायर्ड प्रिंसिपल को सेवानिवृत्ति पर लाभ व पेंशन का भुगतान करने के आदेश का पालन न करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा प्रयागराज को निर्देश दिया है कि यदि अगली सुनवाई तक आदेश का पालन नहीं होता है तो अदालत उनके खिलाफ अवमानना का आरोप निर्मित करेगी। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि अगली तारीख पर आदेश का पालन न होने पर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला को अदालत में हाजिर होना होगा ।
हरदोई के रिटायर्ड याची राम लखन पाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी ने दिया है। याची के अधिवक्ता अवधेश कुमार मिश्रा का कहना था कि याची 30 मार्च 2017 को आरआर इंटर कॉलेज हरदोई के प्रधानाध्यापक पद से रिटायर हुआ। उसके डेढ़ साल बाद भी उसके सेवानिवृत्ति परिलाभ और पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
कोर्ट ने याची के प्रत्यावेदन पर तीन महीने में विचार कर भुगतान करने का निर्देश दिया। याची का कहना था कि इस आदेश की प्रति अधिकारियों को देने के बावजूद उसे कोई भुगतान नहीं किया गया, इसलिए अवमानना याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को एक और मौका देते हुए पेंशन के भुगतान के लिए कहा। इस आदेश के बावजूद निदेशक की ओर से बार-बार समय की मांग की जाती रही। कई तारीखों पर सुनवाई के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ तो कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया तथा उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
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इसके जवाब में अदालत को बताया गया कि अंतरिम भुगतान कर दिया गया है तथा पूर्ण भुगतान के लिए मामले को शासन के समक्ष भेजा गया है, जिस पर शासन विचार कर रहा है। कोर्ट को बताया गया की याची को कालेज प्रबंध समिति ने निलंबित कर दिया था। इस आदेश को उसने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के समक्ष चुनौती दी थी। चयन बोर्ड ने प्रबंध समिति का आदेश रद्द कर दिया, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है । याचिका लंबित रहने की वजह से याची को भुगतान नहीं किया गया है। अदालत ने इसे जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना मानते हुए निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडे को अगली सुनवाई तक आदेश के अनुपालन का निर्देश दिया है।
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हरदोई के रिटायर्ड याची राम लखन पाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी ने दिया है। याची के अधिवक्ता अवधेश कुमार मिश्रा का कहना था कि याची 30 मार्च 2017 को आरआर इंटर कॉलेज हरदोई के प्रधानाध्यापक पद से रिटायर हुआ। उसके डेढ़ साल बाद भी उसके सेवानिवृत्ति परिलाभ और पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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कोर्ट ने याची के प्रत्यावेदन पर तीन महीने में विचार कर भुगतान करने का निर्देश दिया। याची का कहना था कि इस आदेश की प्रति अधिकारियों को देने के बावजूद उसे कोई भुगतान नहीं किया गया, इसलिए अवमानना याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा को एक और मौका देते हुए पेंशन के भुगतान के लिए कहा। इस आदेश के बावजूद निदेशक की ओर से बार-बार समय की मांग की जाती रही। कई तारीखों पर सुनवाई के बाद भी जब भुगतान नहीं हुआ तो कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया तथा उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
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इसके जवाब में अदालत को बताया गया कि अंतरिम भुगतान कर दिया गया है तथा पूर्ण भुगतान के लिए मामले को शासन के समक्ष भेजा गया है, जिस पर शासन विचार कर रहा है। कोर्ट को बताया गया की याची को कालेज प्रबंध समिति ने निलंबित कर दिया था। इस आदेश को उसने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के समक्ष चुनौती दी थी। चयन बोर्ड ने प्रबंध समिति का आदेश रद्द कर दिया, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है । याचिका लंबित रहने की वजह से याची को भुगतान नहीं किया गया है। अदालत ने इसे जानबूझकर कोर्ट के आदेश की अवहेलना मानते हुए निदेशक माध्यमिक विनय कुमार पांडे को अगली सुनवाई तक आदेश के अनुपालन का निर्देश दिया है।