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यूइंग क्रिश्चियन कॉलेज के छात्रों को डिग्री देने का आदेश
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कॉलेज का आरोप, नए-नए तरीके से परेशान कर रहा है विश्वविद्यालय
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध यूइंग क्रिश्चिन कॉलेज से विभिन्न पाठ्यक्रमों को उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को वर्ष 2020-21 की डिग्रियां देने देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि विश्वविद्यालय चार सप्ताह में डिग्रियां दें। कॉलेज के निदेशक मंडल की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।
कॉलेज का कहना है कि विश्वविद्यालय बिना किसी उचित कारण डिग्रियां नहीं जारी कर रहा है। कहा गया कि पूर्व में विश्वविद्यालय अधिकारियों के कई मनमाने हस्तक्षेप के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई। कोर्ट ने भी माना कि विश्वविद्यालय का कार्य मनमाना है। अब सिर्फ परेशान करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने डिग्रियां न जारी करने का नया तरीका निकाला है।
विश्वविद्यालय के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि एकेडमिक काउंसिल द्वारा पारित 27 फरवरी का प्रस्ताव कोर्ट में पेश किया। रजिस्ट्रार के पत्र के हवाला से बताया गया कि डिग्रियां जारी करने का निर्णय एकेडमिक काउंसिल द्वारा ले लिया गया है। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए जो छात्र परीक्षा पास कर चुके हैं उनको चार सप्ताह में डिग्रियां जारी करने का निर्देश दिया है।
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प्रयागराज। हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध यूइंग क्रिश्चिन कॉलेज से विभिन्न पाठ्यक्रमों को उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को वर्ष 2020-21 की डिग्रियां देने देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि विश्वविद्यालय चार सप्ताह में डिग्रियां दें। कॉलेज के निदेशक मंडल की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।
कॉलेज का कहना है कि विश्वविद्यालय बिना किसी उचित कारण डिग्रियां नहीं जारी कर रहा है। कहा गया कि पूर्व में विश्वविद्यालय अधिकारियों के कई मनमाने हस्तक्षेप के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई। कोर्ट ने भी माना कि विश्वविद्यालय का कार्य मनमाना है। अब सिर्फ परेशान करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने डिग्रियां न जारी करने का नया तरीका निकाला है।
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विश्वविद्यालय के अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि एकेडमिक काउंसिल द्वारा पारित 27 फरवरी का प्रस्ताव कोर्ट में पेश किया। रजिस्ट्रार के पत्र के हवाला से बताया गया कि डिग्रियां जारी करने का निर्णय एकेडमिक काउंसिल द्वारा ले लिया गया है। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए जो छात्र परीक्षा पास कर चुके हैं उनको चार सप्ताह में डिग्रियां जारी करने का निर्देश दिया है।
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