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जौहर विवि के पूर्व रजिस्ट्रार की अग्रिम जमानत मंजूर
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मोहम्मद जौहर विवि रामपुर का मामला, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी राहत
प्रयागराज। रामपुर जिले में स्थित मोहम्मद जौहर विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार रोशन अली कुरैशी की अग्रिम जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। मामले में यशवंत वर्मा की बेंच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने मामले में अग्रिम जमानत न देने का कोई आधार न पाते हुए यह राहत दी।
हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व रजिस्ट्रार के खिलाफ दर्ज एफआईआर गिरफ्तारी के लिए पोषणीय नहीं है। लिहाजा, याची को अग्रिम जमानत दी जाती है। याची पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि उन्हें फंसाया गया है। घटना 2015 में हुई जबकि, एफआईआर 2019 में दर्ज कराई गई। हालांकि, राज्य विधि अधिकारी आशुतोष पांडेय ने कहा कि अभियुक्त प्रभावशाली है और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। इसलिए गिरफ्तारी मामले की विवेचना के लिए आवश्यक है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्रिम जमानत की अर्जी मंजूर कर ली।
मामले में याची पर रामपुर के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कोर्ट ने दो जमानतदार और पचास हजार रुपये के बांड पर जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया। हालांकि कोर्ट ने जमानत पर छोड़ने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। याची को जांच में सहयोग करने, देश से बाहर जाने पर कोर्ट से स्वीकृति और पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होना होगा।
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प्रयागराज। रामपुर जिले में स्थित मोहम्मद जौहर विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार रोशन अली कुरैशी की अग्रिम जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। मामले में यशवंत वर्मा की बेंच सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने मामले में अग्रिम जमानत न देने का कोई आधार न पाते हुए यह राहत दी।
हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व रजिस्ट्रार के खिलाफ दर्ज एफआईआर गिरफ्तारी के लिए पोषणीय नहीं है। लिहाजा, याची को अग्रिम जमानत दी जाती है। याची पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि उन्हें फंसाया गया है। घटना 2015 में हुई जबकि, एफआईआर 2019 में दर्ज कराई गई। हालांकि, राज्य विधि अधिकारी आशुतोष पांडेय ने कहा कि अभियुक्त प्रभावशाली है और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। इसलिए गिरफ्तारी मामले की विवेचना के लिए आवश्यक है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अग्रिम जमानत की अर्जी मंजूर कर ली।
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मामले में याची पर रामपुर के कोतवाली थाने में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। कोर्ट ने दो जमानतदार और पचास हजार रुपये के बांड पर जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया। हालांकि कोर्ट ने जमानत पर छोड़ने के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। याची को जांच में सहयोग करने, देश से बाहर जाने पर कोर्ट से स्वीकृति और पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होना होगा।
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