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विधायक विजय मिश्रा की पत्नी को मिली जमानत
Wed, 07 Oct 2020 12:58 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 12:58 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विधायक विजय मिश्रा की पत्नी राम लली को राहत देते हुए शर्तों के साथ उनकी अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है। मगर कोर्ट ने विधायक के बेटे विष्णु मिश्र को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए अर्जी खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने रामलली और अन्य सह अभियुक्तों की अर्जियों की सुनवाई करते हुए दिया है।
राम लली को कोर्ट ने डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। शर्त है कि वह सात अक्तूबर से एक सप्ताह तक रोज 11 बजे विवेचनाधिकारी के समक्ष हाजिर होंगी तथा विवेचना में सहयोग करेंगी। इसके बाद भी बुलाए जाने पर विवेचनाधिकारी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर होंगी। बिना कोर्ट की अनुमति विदेश नहीं जाएंगी। यदि पासपोर्ट हो तो उसे एसएसपी/एसपी के समक्ष जमा कर देंगी। वह प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पीड़ित पक्ष को धमकी या प्रलोभन नहीं देंगी।
कोर्ट ने कहा है कि शर्त उल्लंघन की दशा में कोर्ट में अंतरिम अग्रिम जमानत के विरुद्ध अर्जी दी जा सकती है। कोर्ट ने अर्जी पर राज्य सरकार से चार हफ्ते में जानकारी मांगी है। कोर्ट ने विधायक के बेटे विष्णु को यह कहते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है कि वह विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इसके खिलाफ पुनरीक्षण अर्जी खारिज कर दी गई है। सारा व्यवसाय याची देख रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद बैंक से पैसे निकाले हैं। पीड़ित पक्ष ने धमकी देने की शिकायत भी की है। ऐसे में अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। विष्णु के खिलाफ संत रविदासनगर भदोही के गोपीगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
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राम लली को कोर्ट ने डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। शर्त है कि वह सात अक्तूबर से एक सप्ताह तक रोज 11 बजे विवेचनाधिकारी के समक्ष हाजिर होंगी तथा विवेचना में सहयोग करेंगी। इसके बाद भी बुलाए जाने पर विवेचनाधिकारी के समक्ष पूछताछ के लिए हाजिर होंगी। बिना कोर्ट की अनुमति विदेश नहीं जाएंगी। यदि पासपोर्ट हो तो उसे एसएसपी/एसपी के समक्ष जमा कर देंगी। वह प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पीड़ित पक्ष को धमकी या प्रलोभन नहीं देंगी।
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कोर्ट ने कहा है कि शर्त उल्लंघन की दशा में कोर्ट में अंतरिम अग्रिम जमानत के विरुद्ध अर्जी दी जा सकती है। कोर्ट ने अर्जी पर राज्य सरकार से चार हफ्ते में जानकारी मांगी है। कोर्ट ने विधायक के बेटे विष्णु को यह कहते हुए अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है कि वह विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इसके खिलाफ पुनरीक्षण अर्जी खारिज कर दी गई है। सारा व्यवसाय याची देख रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद बैंक से पैसे निकाले हैं। पीड़ित पक्ष ने धमकी देने की शिकायत भी की है। ऐसे में अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। विष्णु के खिलाफ संत रविदासनगर भदोही के गोपीगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
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