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निजी स्कूलों की फीस वसूली पर हाईकोर्ट में सुनवाई एक जून को
Fri, 22 May 2020 03:53 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 22 May 2020 03:53 PM IST
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स्कूल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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निजी स्कूलों में बढ़ी हुई फीस वसूले जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट एक जून को सुनवाई करेगा । कोर्ट ने सुनवाई से संबंधित वेब लिंक पक्षकारों के वकीलों को भेजने का निर्देश दिया है। ताकि दोनों पक्षों के अधिवक्ता और इस मामले में नए पक्षकार बने अधिवक्ता वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपना पक्ष रख सके। याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है ।
हाईकोर्ट के अधिवक्ता आदर्श भूषण ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि सरकार के निर्देश के बावजूद तमाम निजी स्कूल अभिभावकों पर बढ़ी हुई फीस जमा करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। कुछ स्कूलों ने तो अंतिम तिथि तक घोषित कर दी है तथा अभिभावकों से कहा जा रहा है कि अपने बच्चे का दाखिला जारी रखने के लिए निर्धारित तिथि से पहले फीस जमा कर दें ।
जबकि सरकार ने निर्देश दिया है लॉक डाउन के दौरान निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस लेंगे, कोई भी स्कूल अन्य किसी मद में फीस की वसूली नहीं करेगा । याचिका में यह भी कहा गया है कि कई जिलों के जिलाधिकारियों ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है कि निजी स्कूल किसी भी सूरत में अधिक फीस की वसूली न करें। मगर प्रयागराज में ऐसा नहीं है और निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस वसूलने के लिए दबाव डाल रहा है ।
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कोर्ट ने इस मामले में 1 जून की तिथि नियत करते हुए हाई कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिया है कि दोनों पक्षों के वकीलों की मांग के अनुसार उनको वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपना पक्ष रखने के लिए वेब लिंक उपलब्ध करा दिया जाए ।
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हाईकोर्ट के अधिवक्ता आदर्श भूषण ने जनहित याचिका दाखिल कर कहा है कि सरकार के निर्देश के बावजूद तमाम निजी स्कूल अभिभावकों पर बढ़ी हुई फीस जमा करने के लिए दबाव डाल रहे हैं। कुछ स्कूलों ने तो अंतिम तिथि तक घोषित कर दी है तथा अभिभावकों से कहा जा रहा है कि अपने बच्चे का दाखिला जारी रखने के लिए निर्धारित तिथि से पहले फीस जमा कर दें ।
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जबकि सरकार ने निर्देश दिया है लॉक डाउन के दौरान निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस लेंगे, कोई भी स्कूल अन्य किसी मद में फीस की वसूली नहीं करेगा । याचिका में यह भी कहा गया है कि कई जिलों के जिलाधिकारियों ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है कि निजी स्कूल किसी भी सूरत में अधिक फीस की वसूली न करें। मगर प्रयागराज में ऐसा नहीं है और निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस वसूलने के लिए दबाव डाल रहा है ।
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कोर्ट ने इस मामले में 1 जून की तिथि नियत करते हुए हाई कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिया है कि दोनों पक्षों के वकीलों की मांग के अनुसार उनको वीडियो कांफ्रेंसिंग से अपना पक्ष रखने के लिए वेब लिंक उपलब्ध करा दिया जाए ।