High Court : हाईकोर्ट ने इटावा के डीएम व उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा को किया तलब, अवमानना करने का है आरोप
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश का पालन न करने पर इटावा के डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला और उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा को तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि शपथ पत्र के साथ बताएं कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश का पालन न करने पर इटावा के डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ला और उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा को तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि शपथ पत्र के साथ बताएं कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी की एकल पीठ ने सतीश कुमार और 15 अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिका पर दिया। याची इटावा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 के तहत तकनीकी सहायक के रूप में काम कर रहे थे। इस दौरान प्रतिवादियों ने 18 अक्तूबर 2024 के आदेश से याचियों का स्थानांतरण एक ब्लॉक से दूसरे में कर दिया गया।
इस आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की गई तो कोर्ट ने आठ नवंबर 2024 के आदेश से स्थानांतरण पर रोक लगा दी। इसके बाद प्रतिवादी डीएम व उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा की ओर से पूर्व के स्थानांतरण आदेश में तारीख बदलकर 18 जून 2025 को नया स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया। याचियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की।
याची अधिवक्ता ने दलील दी कि प्रतिवादियों ने कोर्ट की ओर से स्थानांतरण आदेश पर लगाए गए रोक के बावजूद 18 जून 2025 को नया आदेश पारित कर दिया है, जिसमें केवल तारीख बदली गई है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया 18 जून 2025 का आदेश 18 अक्तूबर 2024 के आदेश के समान है। इन तथ्यों के आधार पर, कोर्ट ने व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।