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हाईकोर्ट ने बच्चों की पुष्टाहार योजना का ब्यौरा तलब किया
Thu, 25 Feb 2021 12:51 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 25 Feb 2021 12:51 AM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से बच्चों की पुष्टाहार योजना का ब्यौरा तलब किया है। पूछा है कि आंगनबाड़ी योजना के तहत प्रदेश के बच्चों को पौष्टिक आहार कैसे व किस तरीके से मुहैया कराया जा रहा है और आंगनबाड़ी कर्मियों के जरिये बच्चों को किस प्रकार से और कितना पौष्टिक आहार दिया जा रहा है, इसका पूरा विवरण ब्योरे के साथ जवाबी हलफनामा मांगा है। याचिका की सुनवाई 29 मार्च को होगी।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने निशांत चंद्रा व आठ अन्य की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिये बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए पुष्टाहार देने की योजना लागू की गई है। लेकिन पूरी योजना पर ठीक से अमल नहीं किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संसाधन उपलब्ध नहीं कराया जाता है। जिससे वे निर्धन परिवार के बच्चों तक पौष्टिक आहार पहुंचा सकें। गरीब परिवार के बच्चों की घोर उपेक्षा की जा रही है। केवल स्कूलों में आहार देकर खानापूर्ति की जा रही है। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।
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यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति एसएस शमशेरी की खंडपीठ ने निशांत चंद्रा व आठ अन्य की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिये बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए पुष्टाहार देने की योजना लागू की गई है। लेकिन पूरी योजना पर ठीक से अमल नहीं किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संसाधन उपलब्ध नहीं कराया जाता है। जिससे वे निर्धन परिवार के बच्चों तक पौष्टिक आहार पहुंचा सकें। गरीब परिवार के बच्चों की घोर उपेक्षा की जा रही है। केवल स्कूलों में आहार देकर खानापूर्ति की जा रही है। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है।
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