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High Court : एससी-एसटी एक्ट मामले की कार्यवाही पर लगाई रोक, विपक्षी पार्टी से सप्ताह में मांगा जवाब
Wed, 15 Apr 2026 12:30 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Apr 2026 12:30 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले की कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने प्रयागराज निवासी गणेश प्रसाद मौर्य व 10 अन्य की आपराधिक अपील पर दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले की कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकल पीठ ने प्रयागराज निवासी गणेश प्रसाद मौर्य व 10 अन्य की आपराधिक अपील पर दिया है।
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अपीलकर्ताओं के खिलाफ एसएसी/एसटी एक्ट व अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि इन लोगों ने विपक्षी की खरीदी गई विवादित भूमि पर बनी दीवार गिरा दी और वहां से निर्माण सामग्री चोरी कर ली। ट्रायल कोर्ट की ओर से जारी संज्ञान आदेश सहित पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग कर आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की।
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अपीलकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि उक्त मामला पूरी तरह से दीवानी (सिविल) प्रकृति का है। भूमि से संबंधित एक वाद पहले से ही सिविल कोर्ट में लंबित है। एससी/एसटी एक्ट की धाराओं के तहत कोई अपराध नहीं बनता है। क्योंकि, सार्वजनिक स्थान पर जातिगत शब्दों के इस्तेमाल का कोई प्रमाण नहीं है। कोर्ट ने विशेष न्यायाधीश की ओर से जारी संज्ञान व समन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। विपक्षी पार्टी को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।
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