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High Court : हाईकोर्ट ने शिक्षण संस्था के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर लगाई रोक
Thu, 05 Feb 2026 04:35 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 05 Feb 2026 04:35 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संतकबीर नगर के खलीलाबाद स्थित कुलियतुल बनातिर रजविया एजुकेशनल सोसाइटी के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संतकबीर नगर के खलीलाबाद स्थित कुलियतुल बनातिर रजविया एजुकेशनल सोसाइटी के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने पक्षों को विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने संस्था की याचिका पर दिया है।
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खलीलाबाद स्थित शिक्षण संस्था के खिलाफ सक्षम प्राधिकारी की ओर से 13 जनवरी 2026 को ध्वस्तीकरण नोटिस व आदेश जारी किया था। इसे संस्था की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी। संस्था के अधिवक्ता ने दलील दी कि सक्षम प्राधिकारी के आदेश के खिलाफ पहले ही उत्तर प्रदेश (भवन परिचालन विनियमन) अधिनियम-1958 के तहत अपील और स्थगन आवेदन दाखिल किया जा चुका है, जो लंबित है।
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उसी संपत्ति को लेकर यूपी राजस्व संहिता, 2006 के तहत भी कार्यवाही चल रही है, जिसमें मंडलायुक्त बस्ती के समक्ष सुनवाई पूरी हो चुकी है और निर्णय आना बाकी है। ऐसी स्थिति में यदि ध्वस्तीकरण किया गया तो याचिकाकर्ता को अपूरणीय क्षति होगी।
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कोर्ट ने अपीलीय प्राधिकारी को आदेश दिया गया है कि वे याचिकाकर्ता के स्थगन आवेदन पर चार सप्ताह के भीतर निर्णय लें। जब तक स्थगन आवेदन पर निर्णय नहीं हो जाता तब तक विवादित संपत्ति पर यथास्थिति बनी रहेगी।