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हाईकोर्ट : इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर की बर्खास्तगी पर रोक
Mon, 27 Sep 2021 10:53 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 27 Sep 2021 10:53 PM IST
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prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
- फोटो : prayagraj
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के साइंस एंड सोसाइटी विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रोहित कुमार मिश्रा की बर्खास्तगी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने उनको नियमानुसार काम करने देने व वेतन भुगतान का आदेश दिया है। रोहित मिश्र की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने यह आदेश दिया है।
याची का कहना था कि 17 अगस्त 2021 को उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। याची की बर्खास्तगी में न तो किसी प्रक्रिया का पालन किया गया ना ही उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। याची पर आरोप है कि वह पद की अर्हता के अनुरूप अनुभव व योग्यता नहीं रखते हैं और ना ही इससे संबंधित कोई प्रमाण दे सके हैं। इन आरोपों में उनके विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
याची का कहना था कि उसे सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। कोर्ट ने 17 अगस्त का आदेश रद्द करते हुए विश्वविद्यालय से कहा है कि यदि भविष्य में याची के विरुद्ध कोई आदेश पारित होता है तो वह विधि अनुसार होना चाहिए और याची को सुनवाई का अवसर देते हुए उसकी सफाई पर विचार करने के बाद ही कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने कहा कि जिन दस्तावेजों के आधार पर याची के विरुद्ध कार्रवाई की गई है उसे याची को उपलब्ध कराया जाए।
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याची का कहना था कि 17 अगस्त 2021 को उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करते हुए सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। याची की बर्खास्तगी में न तो किसी प्रक्रिया का पालन किया गया ना ही उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। याची पर आरोप है कि वह पद की अर्हता के अनुरूप अनुभव व योग्यता नहीं रखते हैं और ना ही इससे संबंधित कोई प्रमाण दे सके हैं। इन आरोपों में उनके विरुद्ध बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
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याची का कहना था कि उसे सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। कोर्ट ने 17 अगस्त का आदेश रद्द करते हुए विश्वविद्यालय से कहा है कि यदि भविष्य में याची के विरुद्ध कोई आदेश पारित होता है तो वह विधि अनुसार होना चाहिए और याची को सुनवाई का अवसर देते हुए उसकी सफाई पर विचार करने के बाद ही कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने कहा कि जिन दस्तावेजों के आधार पर याची के विरुद्ध कार्रवाई की गई है उसे याची को उपलब्ध कराया जाए।
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