हाईकोर्ट : सहायक अध्यापक भर्ती में आयु सीमा में छूट पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
सहायक अध्यापक (शहरी) के 11,508 पदों पर भर्ती में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट नहीं देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से जवाब मांगा है।
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सहायक अध्यापक (शहरी) के 11,508 पदों पर भर्ती में अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट नहीं देने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 18 नवंबर की तारीख तय की है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने शिव सिंह व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचियों के अधिवक्ता संजय कुमार यादव ने दलील दी कि आयोग ने 15 सितंबर को भर्ती का विज्ञापन जारी किया लेकिन इसमें अधिकतम आयु सीमा में कोई छूट नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा का शिथिलीकरण) नियमावली, 1992 के नियम तीन के तहत अन्य भर्तियों में सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को एक बार के लिए आयु सीमा में छूट दी गई है लेकिन सहायक अध्यापक भर्ती में ऐसा नहीं किया गया।
अधिवक्ता का कहना था कि वर्ष 2018 के बाद आठ साल के लंबे अंतराल पर भर्ती आई है। इस दौरान काफी ऐसे अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा पार कर चुके हैं जिन्होंने 2018 में बीएड या बीटीसी की योग्यता पूरी की थी लेकिन उन्हें भर्ती में शामिल होने का अवसर नहीं मिला। याचियों ने आयु सीमा में छूट दिए जाने की मांग की है। कोर्ट ने सरकार और आयोग से इस संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।