फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court says CJM should find out whether bulldozer demolished encroachment or private property

UP : हाईकोर्ट ने कहा- सीजेएम पता लगाएं...बुलडोजर से अतिक्रमण ढहा या निजी संपत्ति

Sun, 08 Feb 2026 02:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 08 Feb 2026 02:13 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी में एक संपत्ति पर तोड़फोड़ करने के मामले में याची और प्रशासनिक अधिकारियों के दावे-प्रतिदावों की हकीकत की जांच मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपी है।

विज्ञापन
High Court says CJM should find out whether bulldozer demolished encroachment or private property
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी में एक संपत्ति पर तोड़फोड़ करने के मामले में याची और प्रशासनिक अधिकारियों के दावे-प्रतिदावों की हकीकत की जांच मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपी है। कोर्ट ने सीजेएम को मौका मुआयना कर 10 दिन में यह रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है कि प्रशासन ने सार्वजनिक रास्ता खुलवाया है या किसी की निजी संपत्ति पर बुलडोजर चलाया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने झांसी निवासी राकेश कुमार नायक व एक अन्य की याचिका पर दिया है।
विज्ञापन


मामला मऊरानीपुर का है। याची ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन ने बिना किसी आदेश के घर की दीवार और फेसिंग को ढहा दिया, जबकि प्रश्नगत संपत्ति का मामला सिविल कोर्ट में लंबित है। वहीं, कोर्ट के आदेश पर पेश हुईं मऊरानीपुर की उपजिलाधिकारी श्वेता साहू, नायब तहसीलदार रंजीत कुमार और थाना प्रभारी मुकेश कुमार सोलंकी ने हलफनामा दाखिल किया। दावा किया कि उन्होंने याची की संपत्ति पर कोई कार्रवाई नहीं की है। याची के पड़ोसी की शिकायत पर सार्वजनिक मार्ग पर याची के अतिक्रमण को हटाया गया है।
विज्ञापन


याची ने लोहे के एंगल और नेट लगाकर सार्वजनिक सीसी रोड को ब्लॉक कर दिया था। इससे इनके पड़ोसी का रास्ता बंद हो गया था। कोर्ट ने पाया कि याची और प्रशासनिक अधिकारियों के दावों में विरोधाभास है। लिहाजा, कोर्ट ने सीजेएम को मौका मुआयना करने का आदेश दिया है। पूछा है कि क्या वाकई वहां कोई सार्वजनिक सड़क है? और क्या पड़ोसी का रास्ता पूरी तरह बंद था?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed