फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court rules that an able-bodied husband must provide maintenance to his wife

यूपी : हाईकोर्ट ने कहा- हृष्ट-पुष्ट पति को पत्नी का भरण-पोषण करना ही होगा, बेरोजगारी का बहाना नहीं चलेगा

Sat, 03 Oct 2026 07:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 03 Oct 2026 07:23 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि शारीरिक रूप से हृष्ट-पुष्ट और काम करने में सक्षम पति बेरोजगारी का बहाना बनाकर पत्नी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। कोर्ट ने कासगंज परिवार न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें पत्नी को आवेदन की तारीख से 3,500 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने का निर्देश दिया गया था।

विज्ञापन
High Court rules that an able-bodied husband must provide maintenance to his wife
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि शारीरिक रूप से हृष्ट-पुष्ट पति बेरोजगारी का बहाना बनाकर पत्नी को भरण-पोषण देने से इन्कार नहीं कर सकता। पत्नी की जिम्मेदारी पति की है और वह उसे जीवनयापन के लिए दर-दर भटकने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।

विज्ञापन

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की एकल पीठ ने कासगंज परिवार न्यायालय के आदेश को बरकरार रखते हुए की। परिवार न्यायालय ने पत्नी को आवेदन की तारीख से 3,500 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण देने का आदेश दिया था।

विज्ञापन

इसके खिलाफ पति ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर दलील दी कि पत्नी अपनी मर्जी से मायके में रह रही है। वह बेरोजगार है और उसकी कोई स्थायी आय नहीं है। पति ने यह भी कहा कि वह इतनी राशि देने की स्थिति में नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। कहा कि भरण-पोषण का उद्देश्य ऐसी महिला को आर्थिक सहारा देना है, जिसे वैवाहिक घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। पति अपनी जिम्मेदारी से यह कहकर नहीं बच सकता कि उसके पास नौकरी नहीं है या कारोबार अच्छा नहीं चल रहा, जबकि वह काम करने में सक्षम है।

कोर्ट ने रिकॉर्ड के आधार पर पाया कि पत्नी की अपनी कोई स्वतंत्र आय नहीं थी। दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे वैवाहिक घर से निकाल दिया गया था। ऐसी स्थिति में पत्नी का भरण-पोषण करना पति का दायित्व है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed