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कंपनी प्रमोटर को मिली राहत, उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक
Sat, 20 Jun 2020 11:40 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 20 Jun 2020 11:40 PM IST
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Allahabad High Court
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की नामी कंपनी गौर संस हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रमोटर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक व प्रमोटर सीवा फेमी तथा छह अन्य को राहत देते हुए उनके खिलाफ जिला अदालत गौतमबुद्ध नगर में चल रहे धोखाधड़ी के मुकदमे में उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
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कोर्ट ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले आकाश मलिक और अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कंपनी के निदेशकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमे की कार्यवाही रद्द करने की मांग की है। याचिका पर न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुनवाई की।
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याचीगण का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना था कि कंपनी ने आकाश मलिक को सेक्टर-चार नोएडा में कंस्ट्रक्शन का काम दिया। दोनों पक्षों में 14 करोड़ की देनदारी को लेकर विवाद हो गया। मामला आर्बीट्रेशन में चला गया। आर्बीट्रेशन के लंबित रहने के दौरान ही आकाश मलिक ने 156(3) में अर्जी दाखिल कर दी।
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अर्जी मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दी तो उन्होंने अपर जिला जज की कोर्ट में रिवीजन दाखिल कर दिया। रिवीजन में अपर जिला जज ने याची के खिलाफ समन जारी कर दिया। अधिवक्ता का कहना था कि मामला सिविल प्रकृति का है, इसमें आपराधिक प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। कोर्ट ने याचीगण के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए जवाब तलब किया है।