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High Court : प्रकाशक स्कूल कैंपस में नहीं, बाजार में अपनी किताबें बेच सकते हैं
Sun, 19 Apr 2026 02:59 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 19 Apr 2026 02:59 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाइड/रेफरेंस बुक्स के प्रकाशकों को राहत दी। कहा कि स्कूल कैंपस में नहीं, बाजार में अपनी किताबें बेच सकते हैं।
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अदालत
- फोटो : ANI
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाइड/रेफरेंस बुक्स के प्रकाशकों को राहत दी। कहा कि स्कूल कैंपस में नहीं, बाजार में अपनी किताबें बेच सकते हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सरला श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने एम/एस चित्रा प्रकाशन (आई) प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य याचियों की ओर से दायर याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए दिया।
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याचियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर 23 फरवरी 2026 और चार अप्रैल 2026 के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि वे गाइड व रेफरेंस बुक्स छापने और बेचने का वैध व्यवसाय करते हैं। अनुच्छेद 19(1)(जी) (भारत के सभी नागरिकों को व्यवसाय, व्यापार करने की स्वतंत्रता) के तहत उन्हें व्यापार करने का मौलिक अधिकार प्राप्त है।
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शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी सर्कुलर का उद्देश्य प्रकाशकों को खुले बाजार में किताब बेचने से रोकना नहीं है, बल्कि स्कूलों के भीतर बिक्री रोककर छात्रों के हितों की रक्षा करनी है। 23 फरवरी और अप्रैल 2026 के सर्कुलर बाजार में बिक्री में बाधा नहीं बनेंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय दिया है। अगली सुनवाई पांच मई को होगी।
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