High Court : महिला का फर्जी हस्ताक्षर कर हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका, विरोध पर दी जान से मारने की धमकी
सिविल लाइंस एसीपी कार्यालय को दी गई शिकायत में एक महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उसके फर्जी हस्ताक्षर कर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। मामले का विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सिविल लाइंस एसीपी कार्यालय को दी गई शिकायत में एक महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उसके फर्जी हस्ताक्षर कर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। मामले का विरोध करने पर आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुंडेरा, धूमनगंज निवासी शशि सिंह ने तहरीर देकर बताया कि नतालिया क्रिवोनोसोवा, रोमानोव क्रिवोनोसोवा, भानुशाली समेत एक अज्ञात व्यक्ति ने साजिश के तहत गंभीर धोखाधड़ी और कूटरचना की है। आरोप है कि इन लोगों ने हाईकोर्ट में दायर एक आपराधिक रिट याचिका में शशि सिंह के नाम से फर्जी हलफनामा और वकालतनामा प्रस्तुत किया, जिस पर उसके जाली हस्ताक्षर किए गए।
पीड़िता का कहना है कि उसने कभी भी ऐसे किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए और न ही किसी को अनुमति दी। मामले की जानकारी होने पर पीड़िता ने जब इसका विरोध किया तो उसे धमकी दी गई। पीड़िता ने बताया कि मुख्य आरोपी पूर्व में भी मथुरा के वृंदावन थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपित रहे हैं और उनकी संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।
पीड़िता ने बताया कि आरोपी प्रभावशाली हैं इसलिए उसे और परिवार को आरोपियों से खतरा है। पीड़िता की तहरीर पर कैंट थाना पुलिस ने मामले में आरोपी नतालिया क्रिवोनोसोवा, रोमानोव क्रिवोनोसोवा, भानुशाली समेत एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
सिलिंडर की जमाखोरी मामले में आरोपी को पांच दिन में नोटिस का जवाब देने का निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैस सिलिंडर की कथित जमाखोरी और कालाबाजारी से जुड़े मामले में एजेंसी संचालक को कार्रवाई से पहले अपना पक्ष रखने का मौका दिया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने निर्देश दिया है कि याची पांच दिन में नोटिस का जवाब दाखिल करे।
औरैया निवासी याची एजेंसी संचालक अजित मिश्रा के खिलाफ सिलिंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिला पूर्ति अधिकारी ने 12 मार्च को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन को याची के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। कॉरपोरेशन ने 19 मार्च 2026 को नोटिस जारी कर 15 दिन में याची से स्पष्टीकरण मांगा था।