फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court orders Chief Secretary and DGP to ensure that investigating officers receive viscera reports

UP : हाईकोर्ट का आदेश- मुख्य सचिव व डीजीपी सुनिश्चित करें कि जांच अधिकारियों को समय पर मिले विसरा रिपोर्ट

Wed, 12 Nov 2025 07:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 12 Nov 2025 07:04 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पाया कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से विसरा रिपोर्ट देर से दी जा रही है। ऐसे में आरोप पत्र बिना विसरा रिपोर्ट के ही दाखिल किए जा रहे हैं।

विज्ञापन
High Court orders Chief Secretary and DGP to ensure that investigating officers receive viscera reports
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान पाया कि फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से विसरा रिपोर्ट देर से दी जा रही है। ऐसे में आरोप पत्र बिना विसरा रिपोर्ट के ही दाखिल किए जा रहे हैं। इस पर कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि विसरा रिपोर्ट जांच अधिकारी को समय पर मिले, ताकि मामले की प्रभावी जांच हो सके।

विज्ञापन

 

यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने फर्रुखाबाद के रामरतन की ओर से दाखिल जमानत अर्जी खारिज करते हुए दिया। मोहम्मदाबाद थाने में 16 फरवरी 2024 को अटल बिहारी ने रामरतन व अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि उसकी बहन प्रेमलता की शादी 14 जनवरी 2020 में रामरतन से हुई थी। आरोप लगाया था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर बहन को पहले जहरीला पदार्थ दिया गया और बाद में उसे फंदे से लटका दिया गया।

विज्ञापन


इससे उसकी मौत हुई। वहीं, रामरतन ने हाईकोर्ट में जमानत को अर्जी दाखिल की। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि रामरतन को झूठा फंसाया गया है। बिना विसरा रिपोर्ट के आरोप पत्र जमा कर दिया गया। जबकि कोर्ट की दूसरी बेंच ने आदेश दिया था कि बिना विसरा रिपोर्ट के कोई आरोप पत्र दाखिल नहीं किया जाना चाहिए। इस संबंध में डीजीपी ने सर्कुलर भी जारी किया था। 17 अगस्त 2024 से आरोपी जेल में है। कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। ऐसे में वह जमानत का हकदार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

अपर शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि विसरा रिपोर्ट में कीटनाशक पाया गया है। विसरा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है। कोर्ट ने कहा कि विवाहिता की अप्राकृतिक मौत शादी के सात साल के भीतर हुई है। जिन सह आरोपियों को जमानत मिली है, वे मृतका के ससुर व सास हैं। याची मृतक का पति है। इसका मामला सह आरोपियों से भिन्न है। इन तथ्यों के आधार पर जमानत अर्जी खारिज कर दी। साथ ही विसरा रिपोर्ट के संबंध में डीजीपी व प्रमुख सचिव को दिशानिर्देश जारी किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed