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प्रमुख सचिव गृह को आदेश के पालन का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 20 Jan 2016 12:37 PM IST
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हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह देवाशीष कुमार पांडा को निर्देश दिया है कि वह होमगार्डों को पुलिस कांस्टेबल पद पर भर्ती के मामले मेें दिए गए आदेश का तीन माह में पालन करें। यदि आदेश का पालन नहीं होता है तो याचीगण दोबारा अवमानना याचिका दाखिल कर सकते हैं। होमगार्ड सच्चिदानंद यादव और राजू सिंह की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने यह आदेश दिया।
याची का कहना था कि प्रदेश सरकार ने 28 मई 2010 को विशेष परिक्षेत्र सुरक्षा वाहिनी के गठन का फैसला किया। इसके लिए जो पद विज्ञापित किए गए उनमें 848 पद पुलिस कांस्टेबल के भी हैं। याचीगण होमगार्ड हैं और कांस्टेबल बनने की अर्हता रखते हैं। उन्होंने इसके लिए आवेदन किया था मगर एक आपराधिक मुकदमे में संलिप्त होने का आधार देकर उनकी नियुक्ति रोक दी गई, जबकि उस मामले में वह अदालत से बरी हो चुके हैं।
इसकी सूचना भी डीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह को याचीगण के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। प्रमुख सचिव ने कोई निर्णय नहीं लिया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को तीन माह की और मोहलत देते हुए आदेश का पालन करने के लिए कहा है।
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याची का कहना था कि प्रदेश सरकार ने 28 मई 2010 को विशेष परिक्षेत्र सुरक्षा वाहिनी के गठन का फैसला किया। इसके लिए जो पद विज्ञापित किए गए उनमें 848 पद पुलिस कांस्टेबल के भी हैं। याचीगण होमगार्ड हैं और कांस्टेबल बनने की अर्हता रखते हैं। उन्होंने इसके लिए आवेदन किया था मगर एक आपराधिक मुकदमे में संलिप्त होने का आधार देकर उनकी नियुक्ति रोक दी गई, जबकि उस मामले में वह अदालत से बरी हो चुके हैं।
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इसकी सूचना भी डीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को दी गई थी। कोर्ट ने प्रमुख सचिव गृह को याचीगण के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। प्रमुख सचिव ने कोई निर्णय नहीं लिया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को तीन माह की और मोहलत देते हुए आदेश का पालन करने के लिए कहा है।
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