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सिपाही भर्ती पदों का घालमेल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 03 Aug 2015 11:32 PM IST
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नागरिक पुलिस और पीएसी में 41610 सिपाहियों की भर्ती के मामले में विवाद गहराता जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में पदों का घालमेल करने के आरोप में एक और याचिका दाखिल की गई है। आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में घोर अनियमितता करते गलत तरीके से नियुक्तियां की गई हैं। घोषित पदों के सापेक्ष अधिक अभ्यर्थियों को बुलाया गया। कुल चयनित पदों की संख्या भी गलत बताई जा रही है। याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने इन सवालों पर पुलिस भर्ती बोर्ड और प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।
बुलंद शहर के सचिन और अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर उनके वकील महेश शर्मा ने बताया कि 41610 पदों पर भर्ती के सापेक्ष 55123 अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था मगर सत्यापन हुआ 55994 लोगों का। लगभग 800 अतिरिक्त अभ्यर्थी बिना कोई प्रवेशपत्र जारी किए किस प्रकार से बुला लिए गए इसका कुछ पता नहीं है। इसी प्रकार से घोषित पदों के सापेक्ष 2312 नियुक्तियां कम की गईं हैं जबकि 38315 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। इसमें यदि रिक्त पदों को जोड़ दें तो 40627 पद होतें हैं जबकि विज्ञापन 41610 का जारी किया गया है। इसमें भी करीब 983 पदों का अंतर आ रहा है। याचिका पर कोर्ट 27 अगस्त को सुनवाई करेगी।
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बुलंद शहर के सचिन और अन्य अभ्यर्थियों की याचिका पर उनके वकील महेश शर्मा ने बताया कि 41610 पदों पर भर्ती के सापेक्ष 55123 अभ्यर्थियों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था मगर सत्यापन हुआ 55994 लोगों का। लगभग 800 अतिरिक्त अभ्यर्थी बिना कोई प्रवेशपत्र जारी किए किस प्रकार से बुला लिए गए इसका कुछ पता नहीं है। इसी प्रकार से घोषित पदों के सापेक्ष 2312 नियुक्तियां कम की गईं हैं जबकि 38315 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। इसमें यदि रिक्त पदों को जोड़ दें तो 40627 पद होतें हैं जबकि विज्ञापन 41610 का जारी किया गया है। इसमें भी करीब 983 पदों का अंतर आ रहा है। याचिका पर कोर्ट 27 अगस्त को सुनवाई करेगी।
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