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हाईकोर्ट : विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को नियुक्ति होने तक स्टाइपेंड देने का अंतिम अवसर
Fri, 01 Oct 2021 08:18 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 01 Oct 2021 08:18 PM IST
सार
- जिला प्रशिक्षण शिक्षा संस्थान के प्रधानाचार्य को अगली सुनवाई पर हाजिर रहने का निर्देश
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allahabad high court
- फोटो : social media
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षुओं को नियुक्ति मिलने तक के स्टाइपेंड का भुगतान करने संबंधी पूर्व के आदेश का पालन करने का अंतिम अवसर दिया है। कोर्ट जिला प्रशिक्षण शिक्षा संस्थान प्रयागराज के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार पांडेय को आठ नवंबर तक आदेश का पालन करने के लिए कहा है । कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया तो कोर्ट अवमानना आरोप निर्मित करेगी। कोर्ट ने याचियों को नियमित नियुक्ति होने तक स्टाइपेंड का भुगतान करने का आदेश दिया था।जिसका पालन न करने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई है।
कोर्ट ने कहा है कि 2004 विशिष्ट बीटीसी के प्रशिक्षुओं का कार्य अवधि सहित चार्ट तैयार कर पेश करें। यह भी बताएं वे कब नियुक्त किए गए और स्टाइपेंड की कितनी राशि का भुगतान किया गया। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक बकाए का सभी को भुगतान किया जाए। याचिका की अगली सुनवाई आठ नवंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन व अन्य की अवमानना याचिका पर दिया है।
कोर्ट के आदेश पर प्रधानाचार्य हाजिर हुए और हलफनामा दाखिल कर बताया कि 2015 के शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षण अवधि का ही स्टाइपेंड (वृत्ति) देने की व्यवस्था है। कोर्ट ने कहा कि 2004 के शासनादेश में प्रशिक्षण अवधि से नियमित नियुक्ति होने तक वृत्ति देने की व्यवस्था है। कोई शासनादेश भूतलक्षी प्रभाव नहीं रखता। इसलिए 2004 के शासनादेश के तहत पारित आदेश का पालन किया जाए। कोर्ट अनुपालन रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुई। इस पर प्रधानाचार्य ने बेहतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का समय मांगा।
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कोर्ट ने कहा है कि 2004 विशिष्ट बीटीसी के प्रशिक्षुओं का कार्य अवधि सहित चार्ट तैयार कर पेश करें। यह भी बताएं वे कब नियुक्त किए गए और स्टाइपेंड की कितनी राशि का भुगतान किया गया। कोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक बकाए का सभी को भुगतान किया जाए। याचिका की अगली सुनवाई आठ नवंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन व अन्य की अवमानना याचिका पर दिया है।
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कोर्ट के आदेश पर प्रधानाचार्य हाजिर हुए और हलफनामा दाखिल कर बताया कि 2015 के शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षण अवधि का ही स्टाइपेंड (वृत्ति) देने की व्यवस्था है। कोर्ट ने कहा कि 2004 के शासनादेश में प्रशिक्षण अवधि से नियमित नियुक्ति होने तक वृत्ति देने की व्यवस्था है। कोई शासनादेश भूतलक्षी प्रभाव नहीं रखता। इसलिए 2004 के शासनादेश के तहत पारित आदेश का पालन किया जाए। कोर्ट अनुपालन रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुई। इस पर प्रधानाचार्य ने बेहतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का समय मांगा।
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