फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court It is important to balance wife convenience in family matters

हाईकोर्ट ने कहा : पारिवारिक मामलों में पत्नी की सुविधा का संतुलन देखा जाना जरूरी

Sat, 28 Oct 2023 12:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 28 Oct 2023 12:27 PM IST
सार

पत्नी गोरखपुर कि रहने वाली है। पति की ओर से प्रस्तुत मुकदमा वाराणसी से गोरखपुर जिला न्यायालय स्थानांतरित करने की मांग की थी। याची की ओर से गोरखपुर में पति के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 125 के तहत मुकदमा किया गया है।

विज्ञापन
High Court It is important to balance wife convenience in family matters
कोर्ट - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पति और पत्नी के बीच के विवाद में पत्नी की सुविधा का संतुलन देखा जाना आवश्यक है। जिससे कि पत्नी को पैरवी करने में आसानी हो सके। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने पत्नी द्वारा हिंदू विवाह की धारा 10 के तहत मामले को स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

विज्ञापन

पत्नी गोरखपुर कि रहने वाली है। पति की ओर से प्रस्तुत मुकदमा वाराणसी से गोरखपुर जिला न्यायालय स्थानांतरित करने की मांग की थी। याची की ओर से गोरखपुर में पति के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 125 के तहत मुकदमा किया गया है। याची का कहना था कि याची अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ गोरखपुर में रहती है।

विज्ञापन


गोरखपुर से वाराणसी के बीच की दूरी लगभग 200 कमी है और याची के पास मुकदमे के खर्च व यात्रा में होने वाले अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए आय का कोई स्रोत नहीं है। ऐसे में मुकदमा लड़ने के लिए गोरखपुर से वाराणसी तक की यात्रा में होने वाले खर्च के लिए पैसा नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

याची को भारण- पोषण के लिए कोई राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। अगर मामले को वाराणसी परिवार न्यायालय में आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाती है तो याची को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में पत्नी की सुविधा का देखा जाना जरूरी है।



सीआरपीसी की धारा 125 के तहत कार्रवाई गोरखपुर में पहले से ही लंबित है। इसलिए हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 10 के तहत कार्रवाई को स्थानांतरित करना आवश्यक है। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार कर लिया। कहा की पत्नी को होने वाली कठिनाई को देखते हुए उसका मामला वाराणसी न्यायालय से गोरखपुर न्यायालय में स्थानांतरित किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed