हाईकोर्ट ने दिया निर्देश: प्रयागराज माघ मेले के दौरान गंगा में छोड़ा जाए पर्याप्त पानी
कोर्ट ने यूपी सरकार और मेला की तैयारियों से जुड़े अधिकारियों को इसके लिए विशेष मौकों पर ध्यान देने के लिए भी कहा है। यह भी निर्देश दिया कि उसके बीते आदेश के तहत गंगा में माघ मेले में पर्याप्त जल की व्यवस्था बनाए रखी जाए।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 14 जनवरी से शुरू हो रहे माघ मेले में स्नानार्थियों के लिए पर्याप्त मात्रा में गंगा में जल छोड़ने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि स्नानार्थियों को जल की कमी नहीं होनी चाहिए। कोर्ट ने यूपी सरकार और मेला की तैयारियों से जुड़े अधिकारियों को इसके लिए विशेष मौकों पर ध्यान देने के लिए भी कहा है। यह भी निर्देश दिया कि उसके बीते आदेश के तहत गंगा में माघ मेले में पर्याप्त जल की व्यवस्था बनाए रखी जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
इसके पहले सुनवाई शुरू होते ही कोर्ट ने अधिवक्ताओं और विधि छात्रों की बनाई चार कमेटियों की सर्वे रिपोर्ट देखी। छात्रों ने संगम सहित शहर के विभिन्न इलाकों में पॉलिथीन, प्लास्टिक गिलास, प्लेट तथा अन्य चीजों के प्रयोग और फैली गंदगी की जानकारी दी। बताया कि संगम क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी और प्लास्टिक बैग फैले हुए हैं, वहां कूड़ेदान की व्यवस्था नहीं है।
साथ ही शहर के सभी इलाकों में कूड़ा सफाई की व्यवस्था सही नहीं है, गंदगी फैली हुई है। छात्रों ने इस मामले में अपने सुझाव भी कोर्ट केसमक्ष प्रस्तुत किए। बताया, छोटे-छोटे वेंडर्स इसका प्रयोग कर रहे हैं। कोर्ट ने विधि छात्रों की फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया और नगर निगम प्रयागराज से रिपोर्ट्स पर की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी मांगी।
नगर निगम की ओर से पेश हुए अधिवक्ता एसडी कौटिल्य ने बताया कि सिल्ट के सूखने के बाद ही उसका निस्तारण किया जाता है। गीले सिल्ट के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। इस पर कोर्ट ने कहा कि सिल्ट ढोने वाले वाहन के नीचे के हिस्से में पानी एकत्र करने की व्यवस्था कर इसका हल निकाला जा सकता है।
इस पर नगर निगम के प्रर्यावरण इंजीनियर ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि वह इसके लिए व्यवस्था करेंगे ताकि सिल्ट सड़क पर ही न पड़ी रहे। उन्होंने कूड़े के निस्तारण पर भी पर्याप्त इंतजाम का आश्वासन दिया। कहा, मेला सहित प्रयागराज शहर में प्लास्टिक के निस्तारण की व्यवस्था के लिए उपाय किए जा रहे हैं। न्यायमित्र अरुण कुमार गुप्ता ने इस पर कोर्ट के पुराने आदेश का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा, प्रावधान के तहत प्लास्टिक बैग के प्रयोग पर रोक लगाकर उसके अनुपालन की रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए पांच जनवरी की तिथि तय की है।