{"_id":"5bfef844bdec2241417d1a88","slug":"high-court-flyover-start-relief-from-jam","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट फ्लाईओवर शुरू, जाम से मिलेगी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट फ्लाईओवर शुरू, जाम से मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Updated Thu, 29 Nov 2018 02:06 AM IST
विज्ञापन
शहरियों को बुधवार को एक और सौगात मिली। हाईकोर्ट फ्लाईओवर के सभी चार लेन शुरू हो गए। मंडलायुक्त डॉ. आशीष कुमार गोयल ने रात में करीब सवा नौ बजे वाहन से भ्रमण कर शेष दो लेन का उद्घाटन किया। इससे शहरियाें को तो जाम से राहत मिलेगी ही, कानपुर और वाराणसी के बीच आवागमन भी सुगम हो जाएगा।
फ्लाईओवर के दो लेन 22 नवंबर को शुरू हो गए थे। शेष दो लेन को भी 26 नवंबर को खोला जाना था, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ था। ऐसे में दो दिन की देरी हो गई। मंडलायुक्त ने करियप्पा द्वार से एकलव्य चौराहा तक चलकर र्फ्लाईओवर का ट्रायल किया। इसके बाद 1.40 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर को आवागमन के लिए खोल दिया गया। भ्रमण के दौरान मंडलायुक्त के साथ वाहन में पत्नी सलोनी गोयल भी मौजूद रहीं। पानी टंकी आरओबी तथा हाईकोर्ट फ्लाईओवर के शुरू हो जाने से पुराने शहर से आने-जाने वाले लोगों को अब जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। कानपुर रोड पर जाम की हमेशा शिकायत रहती थी। इसके अलावा वाराणसी और लखनऊ मार्ग पर भी वाहनों का दबाव बना रहता था। फ्लाईओवर खुल जाने से कानपुर मार्ग पर आवागमन तो शुरू ही हो गया है, जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी। मंडलायुक्त ने इसे शहर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने फ्लाईओवर निर्माण में लगे अफसरों तथा मजदूरों से मुलाकात की। उन्होंने पूरी टीम के लिए मेसर राम सिंह को दो हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया। सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार का कहना है कि फ्लाईओवर से शहर के ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
सिंगल पिलर पर चार लेन का पहला पुल
हाईकोर्ट फ्लाईओवर सिंगल पिलर पर बना है। सिंगल पिलर पर चार लेन का यह प्रयागराज तथा आसपास के क्षेत्र में पहला फ्लाईओवर है। 1.40 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर 14 महीने में तैयार हुआ और इसके निर्माण में 106 करोड़ रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
फ्लाईओवर के दो लेन 22 नवंबर को शुरू हो गए थे। शेष दो लेन को भी 26 नवंबर को खोला जाना था, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ था। ऐसे में दो दिन की देरी हो गई। मंडलायुक्त ने करियप्पा द्वार से एकलव्य चौराहा तक चलकर र्फ्लाईओवर का ट्रायल किया। इसके बाद 1.40 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर को आवागमन के लिए खोल दिया गया। भ्रमण के दौरान मंडलायुक्त के साथ वाहन में पत्नी सलोनी गोयल भी मौजूद रहीं। पानी टंकी आरओबी तथा हाईकोर्ट फ्लाईओवर के शुरू हो जाने से पुराने शहर से आने-जाने वाले लोगों को अब जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। कानपुर रोड पर जाम की हमेशा शिकायत रहती थी। इसके अलावा वाराणसी और लखनऊ मार्ग पर भी वाहनों का दबाव बना रहता था। फ्लाईओवर खुल जाने से कानपुर मार्ग पर आवागमन तो शुरू ही हो गया है, जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी। मंडलायुक्त ने इसे शहर के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने फ्लाईओवर निर्माण में लगे अफसरों तथा मजदूरों से मुलाकात की। उन्होंने पूरी टीम के लिए मेसर राम सिंह को दो हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया। सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार का कहना है कि फ्लाईओवर से शहर के ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
विज्ञापन
सिंगल पिलर पर चार लेन का पहला पुल
हाईकोर्ट फ्लाईओवर सिंगल पिलर पर बना है। सिंगल पिलर पर चार लेन का यह प्रयागराज तथा आसपास के क्षेत्र में पहला फ्लाईओवर है। 1.40 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर 14 महीने में तैयार हुआ और इसके निर्माण में 106 करोड़ रुपये खर्च हुए।
विज्ञापन