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High Court : फर्जी नोटरी बनकर कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल करने के आरोप में एफआईआर
Sun, 18 May 2025 05:01 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 18 May 2025 05:01 PM IST
सार
प्रकरण में प्रदीप कुमार द्विवेदी ने प्रभारी निरीक्षक, थाना-धूमनगंज, कमिश्नरेट प्रयागराज को अवगत कराया कि याचिका के संलग्नक 03 के दोनों शपथ पत्र उन्होंने तैयार किए हैं और हस्ताक्षर भी बने हैं। प्रतिवादी की अधिवक्ता रूही यादव ने हाईकोर्ट को सुनवाई के दौरान अवगत कराया कि पीके द्विवेदी, रजिस्ट्रेशन नंबर-17521, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के नोटरी एडवोकेट्स पैनल प्रयागराज में अधिसूचित नहीं हैं।
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फ्रॉड।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर दाखिल की गई याचिका में गंभीर अनियमितता के आरोप का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रदीप कुमार द्विवेदी ने खुद को गवर्नमेंट ऑफ इंडिया का अधिकृत नोटरी एडवोकेट बताते हुए फर्जी सील व रजिस्ट्रेशन नंबर का प्रयोग कर शपथ पत्र सत्यापित किए और उन्हें अदालत में पेश किया। कर्नलगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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रिपोर्ट कटरा चौकी प्रभारी एसआई हरिनंद सिंह की तहरीर पर दर्ज की गई है। इसमें बताया गया है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में योजित रिट शालू कुमारी भारतीया व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के संबंध में याचीगण की ओर से संलग्न कागजात की जांच के क्रम में पाया गया कि प्रदीप कुमार द्विवेदी जनपद प्रयागराज में नोटरी एडवोकेट के रूप में अधिकृत नहीं हैं।
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आरोप है कि जिस रजिस्ट्रेशन नंबर 17521 की सील का वह दुरुपयोग कर रहे हैं, वह पी चंद्र मोहन नोटरी पब्लिक का है जो दिनांक 2/12/2019 को तांबरम क्षेत्र तमिलनाडु के लिए नोटरी के रूप में नियुक्त हैं और जिनका सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस दिनांक 02/12/2029 तक वैध है।
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याचिका में गुहार लगाई गई है कि याचीगण लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने के लिए उचित आदेश निर्गत किया जाए। याचिका में पारित अंतरिम आदेश के अनुपालन क्रम में याचिका के संलग्नकों की जांच व सत्यापन कार्रवाई के बाद अमर नाथ राय, प्रभारी निरीक्षक, थाना धूमनगंज ने आख्या हाईकोर्ट में दाखिल की।
प्रकरण में प्रदीप कुमार द्विवेदी ने प्रभारी निरीक्षक, थाना-धूमनगंज, कमिश्नरेट प्रयागराज को अवगत कराया कि याचिका के संलग्नक 03 के दोनों शपथ पत्र उन्होंने तैयार किए हैं और हस्ताक्षर भी बने हैं। प्रतिवादी की अधिवक्ता रूही यादव ने हाईकोर्ट को सुनवाई के दौरान अवगत कराया कि पीके द्विवेदी, रजिस्ट्रेशन नंबर-17521, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के नोटरी एडवोकेट्स पैनल प्रयागराज में अधिसूचित नहीं हैं।
हाईकोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया को जांच करने व जनपद प्रयागराज के नोटरी एडवोकेट की सूची शपथ पत्र के माध्यम से दाखिल करने का आदेश दिया। तहरीर में आरोप है कि प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बिना किसी वैध प्राधिकार के नोटरी एडवोकेट गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के फर्जी पहचान व रजिस्ट्रेशन नंबर और सील का दुरुपयोग कर कूटरचित तरीके से शपथ पत्र तैयार किए हैं। एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू करा दी गई है।