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high court : पुलिस आरक्षियों की बर्खास्तगी रद्द, बहाली के निर्देश
Sun, 10 Oct 2021 12:28 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 10 Oct 2021 12:28 AM IST
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अदालत
- फोटो : file
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आगरा के दो पुलिस आरक्षियों की सेवा बर्खास्तगी रद्द कर दी है और बर्खास्तगी की तिथि 30 जून 2020 से आधा वेतन व निलंबन काल के भत्ते का हकदार करार देते हुए सेवा बहाली का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने आरक्षी कौशल व राजेश कुमार की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
याची का कहना था कि विभागीय जांच कार्यवाही में याचियों पर लगे आरोपों का गवाहों ने भी समर्थन नहीं किया है। बिना किसी ठोस साक्ष्य के प्रारंभिक जांच के आरोपों को सही मानते हुए दी गई रिपोर्ट पर मनमाने तौर पर बर्खास्त कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि याची के खिलाफ फर्जी दस्तावेज पर सरकारी आवास आवंटित करने का कोई साक्ष्य नहीं है। दुराग्रह पूर्ण मनमानी कार्यवाही कर दंडित किया गया है। कोर्ट ने एस एस पी आगरा के याचियों के बर्खास्त करने के आदेश को रद्द कर दिया है।
याचियों पर आरोप लगाया गया कि एक ने सरकारी क्वार्टर का फर्जी आवंटन किया ।तो दूसरे ने सरकारी आवास सौंपकर 20 हजार रुपये मांगे। किंतु इसका कोई सबूत पेश नहीं किया गया। रकाबगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में राजेश के पक्ष में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल की है। कौशल के खिलाफ चार्जशीट दी गई है। केस चल रहा है। याची को निलंबित कर गिरफ्तार किया गया था, जमानत पर छूटा। निलंबन भी वापस हो गया था। उसके बाद विभागीय जांच में दोषी करार देते हुए बर्खास्त किया गया था। कोर्ट ने बर्खास्तगी रद्द कर दी है।
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याची का कहना था कि विभागीय जांच कार्यवाही में याचियों पर लगे आरोपों का गवाहों ने भी समर्थन नहीं किया है। बिना किसी ठोस साक्ष्य के प्रारंभिक जांच के आरोपों को सही मानते हुए दी गई रिपोर्ट पर मनमाने तौर पर बर्खास्त कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि याची के खिलाफ फर्जी दस्तावेज पर सरकारी आवास आवंटित करने का कोई साक्ष्य नहीं है। दुराग्रह पूर्ण मनमानी कार्यवाही कर दंडित किया गया है। कोर्ट ने एस एस पी आगरा के याचियों के बर्खास्त करने के आदेश को रद्द कर दिया है।
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याचियों पर आरोप लगाया गया कि एक ने सरकारी क्वार्टर का फर्जी आवंटन किया ।तो दूसरे ने सरकारी आवास सौंपकर 20 हजार रुपये मांगे। किंतु इसका कोई सबूत पेश नहीं किया गया। रकाबगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी में राजेश के पक्ष में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट दाखिल की है। कौशल के खिलाफ चार्जशीट दी गई है। केस चल रहा है। याची को निलंबित कर गिरफ्तार किया गया था, जमानत पर छूटा। निलंबन भी वापस हो गया था। उसके बाद विभागीय जांच में दोषी करार देते हुए बर्खास्त किया गया था। कोर्ट ने बर्खास्तगी रद्द कर दी है।
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