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UP : हाईकोर्ट ने मंदिर की यथास्थिति कायम रखने का दिया निर्देश, अगली सुनवाई आठ फरवरी को
Thu, 25 Jan 2024 05:22 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 25 Jan 2024 05:22 PM IST
सार
यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी गाजियाबाद के एक सदस्य की अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है। अर्जी में हाईकोर्ट के 16 अक्तूबर 23 को जारी आदेश वापस लेने की मांग की गई।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद के विजय नगर स्थित प्रताप विहार पार्क में स्थित मंदिर की यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया है। साथ ही जनहित याचिका दायर कर मंदिर को अवैध बताकर हटाने का आदेश प्राप्त करने वाले याची वरुण बीर सिंह को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है। याचिका की सुनवाई आठ फरवरी को होगी।
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यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी गाजियाबाद के एक सदस्य की अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है। अर्जी में हाईकोर्ट के 16 अक्तूबर 23 को जारी आदेश वापस लेने की मांग की गई। जिससे नगर आयुक्त के अवैध मंदिर निर्माण पर रोक लगाने व एक हफ्ते में निर्माण हटा देने के आश्वासन पर कोर्ट ने अमल करने का आदेश दिया था। साथ ही जरूरी होने पर पुलिस बल लेने की अनुमति दी थी।
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अर्जी दाखिल कर कहा गया कि जनहित याचिका दाखिल करने वाले वरुण बीर सिंह का आपराधिक इतिहास है, जिसका खुलासा जनहित याचिका में नहीं किया गया। मंदिर बहुत पुराना है। छत कमजोर हो गई थी। नई छत डाली गई है। स्थानीय निवासियों की इसमें सहमति है।
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जनहित याचिका में बिना ठोस प्रमाण के मंदिर को अवैध बता दिया गया और नगर आयुक्त ने भी हटाने का आश्वासन दे दिया। इसकी कोई जानकारी अर्जी दाता को नहीं दी गई। उसके पीठ पीछे मंदिर हटाने का हाईकोर्ट का आदेश प्राप्त कर लिया गया है। इस पर रोक लगाई जाए।