फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court Criminal proceedings against police without prior permission of the government illegal

High Court : सरकार की पूर्व अनुमति बगैर पुलिस पर आपराधिक कार्यवाही अवैध

Thu, 01 Dec 2022 11:14 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 01 Dec 2022 11:14 PM IST
सार

कोर्ट ने यह भी कहा है कि अभिरक्षा में मौत के आरोप में दर्ज एफ आई आर पर पुलिस की अंतिम रिपोर्ट अस्वीकार कर  मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पीड़िता को नोटिस जारी कर बयान लेने, गवाहों के बयान लेने के बाद अभियुक्तों को सम्मन जारी करने में कोई विधिक अनियमितता नहीं है।

विज्ञापन
High Court Criminal proceedings against police without prior permission of the government illegal
Prayagraj News : इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मुठभेड़ में घायल अभियुक्त की अस्पताल ले जाते समय मौत पर पुलिस के खिलाफ धारा 197 के तहत  सरकार की पूर्व अनुमति लिए बगैर की गई आपराधिक कार्यवाही अवैध है। कोर्ट ने पीड़िता को पुलिस के खिलाफ अभिरक्षा में मौत के आरोप में केस चलाने के लिए सरकार से अनुमति लेने की छूट दी है। कोर्ट ने याची पुलिस अधिकारी के खिलाफ सरकार से बगैर अनुमति लिए की गई आपराधिक कार्यवाही व जारी सम्मन आदेश को अवैध करार देते हुए रद कर दिया है।

विज्ञापन



कोर्ट ने यह भी कहा है कि अभिरक्षा में मौत के आरोप में दर्ज एफ आई आर पर पुलिस की अंतिम रिपोर्ट अस्वीकार कर  मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पीड़िता को नोटिस जारी कर बयान लेने, गवाहों के बयान लेने के बाद अभियुक्तों को सम्मन जारी करने में कोई विधिक अनियमितता नहीं है। मजिस्ट्रेट की कार्रवाई विधि के विपरीत नहीं है। बिना प्रोटेस्ट के मजिस्ट्रेट द्वारा स्वयं संज्ञान लेने की वैधता को चुनौती देने के तर्क को सही नहीं माना और कहा मजिस्ट्रेट की कार्यवाही कानून के मुताबिक की गई है।

विज्ञापन

यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने थाना रोजा, शाहजहांपुर के पुलिस कर्मी मदनपाल सिंह की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। मामले में दो दिसंबर 1999 को पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी के साथ मुठभेड़ में  गंभीर रूप से घायल दो बदमाश गिरफ्तार किए गए। इसमें से एक भाग गया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया।


याकूब उर्फ गुलाम ख्वाजा की स्पाइनल का आपरेशन करने के लिए लखनऊ केजीएमसी रेफर किया गया। पुलिस ने रिमांड ली और लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई। उसकी पत्नी सैरून ने पुलिस पर अभिरक्षा में हत्या करने का आरोप लगाया और मजिस्ट्रेट को अर्जी दी। जो खारिज हो गई तो सत्र अदालत में पुनरीक्षण दाखिल की। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया और एफ आईआर दर्ज हुई।


पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट पेश की। सीजेएम ने रिपोर्ट अस्वीकार करते हुए कंप्लेंट केस दर्ज किया। शिकायतकर्ता व गवाहों के  बयान दर्ज कर अभियुक्त पुलिस कर्मियों को सम्मन जारी किया। जिसे धारा 197 के तहत सरकार की अनुमति बगैर आपराधिक कार्यवाही की वैधता को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कार्यवाही अवैध करार देते हुए रद कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed