फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court Court strict on acquisition of farmers' land by NHAI without giving compensation, Chairman should file affidavit

हाईकोर्ट : एनएचएआई द्वारा बिना मुआवजा दिए किसानों की जमीन अधिग्रहित करने पर कोर्ट सख्त, चेयरमैन दाखिल करें हलफनामा

Thu, 28 Oct 2021 09:40 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 28 Oct 2021 09:40 PM IST
विज्ञापन
High Court Court strict on acquisition of farmers' land by NHAI without giving compensation, Chairman should file affidavit
Allahabad High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा भूमि अधिग्रहण के बाद पारित अवार्ड की रकम किसानों को न देने तथा बिना अधिग्रहण किए किसानों की जमीन पर कब्जा लेने के खिलाफ दाखिल हो रही याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि सरकारी एजेंसियों से ऐसी उम्मीद नहीं है कि वे बेवजह मुकदमों को बढ़ावा दें।
विज्ञापन


याचिकाओं में कहा गया है कि प्राधिकरण आर्बिट्रेटर द्वारा पारित अवार्ड के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं दे रहा है। याचिकाओं में यह भी कहा गया है कि कई ऐसे भी मामले हैं जहां बिना भूमि को अधिग्रहीत किए ही कब्जा ले लिया गया है। किसानों को अवार्ड का पैसा भी नही मिल रहा है और जमीन से वंचित भी होना पड़ रहा है।
विज्ञापन


मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने जयपाल व अन्य समेत कई दाखिल याचिकाओं पर आदेश पारित करते हुए कहा कि इस प्रकार के कृत्य की सरकारी एजेंसी से उम्मीद नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने इस मामले में एनएचएआई के चेयरमैन को कई मुद्दों पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वह इस बात का हलफनामा दाखिल करें कि उत्तर प्रदेश में ऐसे कितने प्रोजेक्ट हैं, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण व पारित अवार्ड के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है। चेयरमैन को हलफनामा में यह भी स्पष्ट करना है कि ऐसे कितने मामले हैं, जिसमें बगैर अधिग्रहण के कब्जा ले लिया गया है। उन्हें यह भी बताना है कि इस मामले में कितने वाद कोर्ट में लंबित हैं।


हाईकोर्ट ने यह आदेश तब पारित किया जब अवार्ड हो जाने के बाद भी मुआवजा न मिलने पर मुआवजे की मांग में दर्जनों याचिकाएं दाखिल की गई थीं। कोर्ट ने कहा कि ये ऐसे मामले हैं जिसे विवाद होने से टाला जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed