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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Continuous work is necessary for regularization of contract workers

High Court : संविदाकर्मी के नियमितीकरण के लिए लगातार काम करना आवश्यक

Tue, 01 Jul 2025 07:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 01 Jul 2025 07:46 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी सेवाओं में नियमितीकरण की अवधारणा तभी लागू होती है जब संविदाकर्मी ने काफी लंबे समय तक लगातार काम किया हो। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर नियोक्ता की ओर से कर्मचारी को काम करने से रोका जाता है।

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High Court: Continuous work is necessary for regularization of contract workers
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी सेवाओं में नियमितीकरण की अवधारणा तभी लागू होती है जब संविदाकर्मी ने काफी लंबे समय तक लगातार काम किया हो। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर नियोक्ता की ओर से कर्मचारी को काम करने से रोका जाता है, तो अनुपस्थित नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए एकल पीठ के आदेश को रद्द करते हुए राज्य की ओर से दाखिल विशेष अपील स्वीकार कर ली। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि की खंडपीठ ने दिया।

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मामले में प्रतिवादी याचिकाकर्ता महावीर सिंह और पांच अन्य कई साल तक आगरा के सरकारी उद्यान में माली के रूप में कार्यरत थे और कुछ कृत्रिम अवकाशों को छोड़कर लगातार काम कर रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश नियमितीकरण नियमावली 2016 के तहत नियमितीकरण का दावा किया था। एकलपीठ ने याचियों के पक्ष में आदेश पारित किया। राज्य ने एकलपीठ के फैसले को विशेष अपील में चुनौती दी थी।

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खंडपीठ ने कहा कि नियमितीकरण नियमावली 2016 के नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी चयन समिति है, जिसे कर्मचारी के काम करने की अवधि पर ध्यान देना होता है। कोर्ट ने कहा कि अनुपस्थिति की अवधि याचिकाकर्ताओं की ओर से स्वैच्छिक कार्य के कारण थी या उन्हें राज्य अधिकारियों की ओर से काम करने से रोका गया था। इस पर विचार नहीं किया था।

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ऐसे में कोर्ट ने विशेष अपील को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया कि नियमितीकरण के लिए प्रतिवादी-याचिकाकर्ताओं के दावे पर चयन समिति नए सिरे से करे। इस दौरान याचिकाकर्ताओं को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए ताकि वे स्पष्ट कर सकें कि वो किन कारणों से अनुपस्थित रहे।

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