High Court : निजी हित के लिए जनहित याचिका दाखिल करने पर 25 हजार रुपये का हर्जाना
सरकार की ओर से आपत्ति की गई कि इससे पहले भी अनिल भाटी ने ऐसी ही याचिका दाखिल की थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद सोसायटी के नाम पर यह जनहित याचिका दायर की गई। अनिल भाटी का भाई लालजी याची सोसायटी का सदस्य है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर दाखिल की गई जनहित याचिका खारिज कर दी। साथ ही इसे प्रक्रिया का दुरुपयोग करार देते हुए याची सोसायटी पर 25 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने गौतमबुद्ध नगर की संपूर्ण जन कल्याण समिति की जनहित याचिका पर दिया है।
सरकार की ओर से आपत्ति की गई कि इससे पहले भी अनिल भाटी ने ऐसी ही याचिका दाखिल की थी, जो खारिज हो गई। इसके बाद सोसायटी के नाम पर यह जनहित याचिका दायर की गई। अनिल भाटी का भाई लालजी याची सोसायटी का सदस्य है। उसने विपक्षी के अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। जबकि, उक्त जमीन निजी संपत्ति है। याचिका की पोषणीयता पर भी आपत्ति की गई।