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लखनऊ में जीएसटी अधिकरण के गठन को हाईकोर्ट में चुनौती
Wed, 20 Jan 2021 10:58 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 20 Jan 2021 10:58 PM IST
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वस्तु एवं सेवा कर
- फोटो : pixabay
जीएसटी अधिकरण की पीठ लखनऊ में बनाने के प्रस्ताव को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में 29 मई 2020 की राज्य सरकार की संस्तुति एवं जीएसटी काउंसिल द्वारा सरकारी प्रस्ताव को 12 जून को स्वीकार करने को रद्द करने की याचिका संशोधन अर्जी मंजूर कर ली है। अर्जी में यह भी मांग की गई है कि जी एस टी काउंसिल की 39 वीं बैठक में प्रयागराज में राज्य पीठ व चार एरिया पीठ गठित करने के पूर्व में पारित प्रस्ताव को बहाल कर अधिसूचना जारी की जाए।
याची का कहना है कि जीएसटी काउंसिल का राज्य सरकार की सिफारिश पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करना धारा 109 का खुला उल्लंघन है। कोर्ट ने राज्य सरकार व भारत सरकार से संशोधित याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति डा वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मेसर्स टार्क फार्मास्यूटिकल्स प्रा.लि कंपनी की याचिका पर दिया है।
याची के अधिवक्ता का कहना है कि जीएसटी काउंसिल ने 14 मार्च 20 की बैठक में इलाहाबाद में राज्य अधिकरण एवं गाजियाबाद, लखनऊ, वाराणसी व आगरा में चार एरिया पीठ गठन का प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद राज्य सरकार ने 29 मई 2020 को लखनऊ में राज्य अधिकरण की प्रधान पीठ गठित करने की सिफारिश की।
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जिस पर 12जून 20 को जी एस टी काउंसिल की दुबारा हुई बैठक में राज्य सरकार के सुझाव को स्वीकार कर लिया गया और पुराने फैसले को पलट दिया गया। इसकी जानकारी होने पर याचिका संशोधित कर जीएसटी काउंसिल के दुबारा लिए गए निर्णय की वैधता को चुनौती दी गई है।
जी एस टी कानून की धारा 109 काउंसिल को राज्य अधिकरण पीठ गठित करने का पूरा स्वतंत्र अधिकार देती है। इसमें किसी को हस्तक्षेप करने या सिफारिश करने का अधिकार नहीं है। केवल एरिया पीठ के संबंध मे राज्य सरकार से सलाह ली जा सकती है। सुनवाई 25 जनवरी को होगी।
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याची का कहना है कि जीएसटी काउंसिल का राज्य सरकार की सिफारिश पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करना धारा 109 का खुला उल्लंघन है। कोर्ट ने राज्य सरकार व भारत सरकार से संशोधित याचिका पर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। याचिका की अगली सुनवाई 25 जनवरी को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति एस पी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति डा वाई के श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मेसर्स टार्क फार्मास्यूटिकल्स प्रा.लि कंपनी की याचिका पर दिया है।
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याची के अधिवक्ता का कहना है कि जीएसटी काउंसिल ने 14 मार्च 20 की बैठक में इलाहाबाद में राज्य अधिकरण एवं गाजियाबाद, लखनऊ, वाराणसी व आगरा में चार एरिया पीठ गठन का प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद राज्य सरकार ने 29 मई 2020 को लखनऊ में राज्य अधिकरण की प्रधान पीठ गठित करने की सिफारिश की।
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जिस पर 12जून 20 को जी एस टी काउंसिल की दुबारा हुई बैठक में राज्य सरकार के सुझाव को स्वीकार कर लिया गया और पुराने फैसले को पलट दिया गया। इसकी जानकारी होने पर याचिका संशोधित कर जीएसटी काउंसिल के दुबारा लिए गए निर्णय की वैधता को चुनौती दी गई है।
जी एस टी कानून की धारा 109 काउंसिल को राज्य अधिकरण पीठ गठित करने का पूरा स्वतंत्र अधिकार देती है। इसमें किसी को हस्तक्षेप करने या सिफारिश करने का अधिकार नहीं है। केवल एरिया पीठ के संबंध मे राज्य सरकार से सलाह ली जा सकती है। सुनवाई 25 जनवरी को होगी।