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इलाहाबाद हाईकोर्ट का अहम फैसला : अप्रैल 2005 से पहले चयनित लेखपालों को मिलेगी पुरानी पेंशन
Thu, 16 Dec 2021 12:45 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 16 Dec 2021 12:45 AM IST
सार
याची लेखपाल संघ की ओर से तर्क दिया गया कि उनका चयन एवं प्रशिक्षण सत्र 2003-04 में अगस्त 2004 में प्रशिक्षण पूरा हो गया था। इस आधार पर याचिकाकर्ताओं ने अपने वेतन से हो रही कटौती को पुरानी पेंशन योजना (जीपीएप) के अंतर्गत करने की मांग की थी।
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Allahabad High Court
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अप्रैल 2005 के पहले चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन योजना बहाल कर दी है। इसके साथ ही मामले में सरकार से जवाब तलब भी किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी लेखपाल संघ के कोषाध्यक्ष विनोद कुमार कश्यप की याचिका पर अंतरिम आदेश जारी करते हुए अप्रैल 2005 से पहले चयनित लेखपालों की पेंशन पुरानी पेंशन योजना (जीपीएफ) के तहत वेतन से कटौती करने को कहा है। याचिका पर न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की एकल खंडपीठ सुनवाई कर रही है।
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याची लेखपाल संघ की ओर से तर्क दिया गया कि उनका चयन एवं प्रशिक्षण सत्र 2003-04 में अगस्त 2004 में प्रशिक्षण पूरा हो गया था। इस आधार पर याचिकाकर्ताओं ने अपने वेतन से हो रही कटौती को पुरानी पेंशन योजना (जीपीएप) के अंतर्गत करने कती मांग की थी। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट के समक्ष इसी तरह का मामला (प्रमोद कुमार श्रीवास्तव व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य) 2015 में आया था।
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कोर्ट ने याची को पुरानी पेंशन का लाभ दिए जाने का आदेश दिया था। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि क्योंकि, याची की चयन प्रक्रिया एक अप्रैल 2005 से पहले शुरू हुई और पूरी हो गई। इसलिए याची पुरानी पेंशन योजना का लाभ पाने का हकदार है। इस पर कोर्ट ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए मामले में सरकार से छह हफ्ते में जवाब मांगा है।
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